नई दिल्ली। पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में उपजे तनाव और वैश्विक उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और केंद्र शासित प्रदेशों के उपराज्यपालों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में पीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि सरकार की प्राथमिकता आर्थिक स्थिरता, ऊर्जा सुरक्षा और आम नागरिक के हितों की रक्षा करना है।
प्रधानमंत्री ने राज्यों को ‘टीम इंडिया’ के रूप में एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया, जैसा कि देश ने कोविड-19 महामारी के दौरान सफलतापूर्वक किया था।
आम जनता और अर्थव्यवस्था के लिए 7 प्रमुख फैसले:
ईंधन की कीमतों में कटौती: वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (Excise Duty) कम करने का बड़ा फैसला लिया है, जिससे आम जनता को महंगाई से राहत मिलेगी।
LPG कोटा में भारी बढ़ोतरी: राज्यों को मिलने वाले कमर्शियल एलपीजी आवंटन को 50% से बढ़ाकर 70% कर दिया गया है। इससे छोटे उद्योगों और खान-पान क्षेत्र को संबल मिलेगा।
जमाखोरी पर ‘जीरो टॉलरेंस’: पीएम ने राज्यों को सख्त निर्देश दिए कि वे आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन पर नजर रखें और जमाखोरी या मुनाफाखोरी करने वालों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई करें।
किसानों को खाद की सुरक्षा: आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए उर्वरकों (Fertilizer) के भंडारण और वितरण की एडवांस प्लानिंग करने को कहा गया है, ताकि किसानों को कोई असुविधा न हो।
इंटर-मिनिस्ट्रियल ग्रुप (IMG) की निगरानी: पीएम ने बताया कि 3 मार्च से ही एक विशेष अंतर-मंत्रालयी समूह सक्रिय है, जो हर दिन स्थिति की समीक्षा कर रहा है और समय पर निर्णय ले रहा है।
तटीय और सीमावर्ती राज्यों को अलर्ट: समुद्री व्यापार और शिपिंग से जुड़ी चुनौतियों को देखते हुए तटीय और सीमावर्ती राज्यों को विशेष सतर्कता बरतने और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय करने के निर्देश दिए गए हैं।
MSME और रोजगार का संरक्षण: राज्यों को अपने यहाँ के छोटे उद्योगों (MSMEs) के संपर्क में रहने को कहा गया है ताकि उत्पादन और रोजगार पर इस वैश्विक संकट का असर न पड़े।
पश्चिम एशिया संकट: ‘टीम इंडिया’ का एक्शन प्लान
PM मोदी और मुख्यमंत्रियों की बैठक के 7 बड़े फैसले
- केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी घटाई।
- आम जनता को महंगाई से बड़ी राहत।
- कमर्शियल LPG कोटा 50% से बढ़कर 70%।
- छोटे उद्योगों और रेस्टोरेंट्स को मदद।
- सप्लाई चेन रहेगी पूरी तरह दुरुस्त।
- मुनाफाखोरों पर होगी सख्त कार्रवाई।
- खरीफ सीजन के लिए खाद का पर्याप्त भंडार।
- वितरण की अग्रिम योजना तैयार।
- तटीय/सीमावर्ती राज्यों को विशेष अलर्ट।
- शिपिंग ऑपरेशन्स पर रहेगी कड़ी नज़र।
- भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें।
- सरकारी कंट्रोल रूम से लें सटीक जानकारी।
“अफवाहों से बचें, घबराएं नहीं”: PM मोदी की अपील
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को आश्वस्त किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और जरूरी चीजों का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने भ्रामक सूचनाओं और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के खिलाफ चेतावनी दी और राज्यों को सटीक जानकारी साझा करने का निर्देश दिया। साथ ही, संकट का फायदा उठाने वाले ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी एजेंटों से सावधान रहने को भी कहा गया है।
“भारत के पास वैश्विक व्यवधानों से निपटने का पुराना अनुभव है। हमारी सामूहिक शक्ति ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हम मिलकर इस स्थिति से सफलतापूर्वक उबरेंगे।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
भविष्य की तैयारी: आत्मनिर्भर ऊर्जा पर जोर
बैठक में पीएम ने दूरगामी सोच के साथ राज्यों से बायोफ्यूल, सौर ऊर्जा, गोवर्धन पहल और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को तेज गति से बढ़ावा देने का आग्रह किया। उन्होंने घरेलू स्तर पर तेल और गैस की खोज में तेजी लाने के लिए राज्यों से सक्रिय सहयोग मांगा।

