
Biometric Attendance रायपुर। छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक राजधानी नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में एक दिसंबर से अटेंडेंस का सिस्टम बदले जा रहा है। बुधवार की शाम को मंत्रालय में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के नवनियुक्त मुख्य सचिव विकासशील ने यह जानकारी दी।
इन अफसरों के लिए बायोमैट्रिक अनिवार्य
मुख्य सचिव विकास शील ने बैठक में बताया कि 1 दिसंबर से मंत्रालय में उप सचिव स्तर से वरिष्ठ अधिकारियों तक के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू होगी।
कामकाज में कसावट के लिए बायोमैट्रिक अटेंडेंस
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रालय के कामकाज में कसावट लाने के उद्देश्य से 1 दिसंबर से बायोमैट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी समय पर कार्यालय पहुंचें और अपने अधीनस्थों को भी समयपालन के लिए प्रेरित करें।

Biometric Attendance विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की दिशा में करें काम
सीएम विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में विभागीय सचिवों और विभागाध्यक्षों की मैराथन बैठक ली। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अधिकारियों को विभागीय समन्वय और टीम भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया।
अधिकारियों की सीएम ने की सराहना
बैठक में मुख्यमंत्री ने पूंजीगत व्यय में तेजी, शासकीय कामकाज में पारदर्शिता, आमजनों की समस्याओं का त्वरित निराकरण और गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्यों को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों की सराहना की और अधिकारियों को स्व-मूल्यांकन कर सुधार लाने के लिए कहा।
दिसंबर से सभी विभागों में ई आफिस
ई-ऑफिस प्रणाली से शासन के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ी है मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे सुशासन का संकल्प साकार हो रहा है। उन्होंने प्रसन्नता जताई कि लगभग सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू हो चुकी है। बाकी विभाग दिसंबर 2025 तक इसे अनिवार्य रूप से लागू करें। मुख्यमंत्री ने सुगम आवागमन के लिए सड़कों के सुधार और रखरखाव पर विशेष बल दिया। साथ ही, जेम पोर्टल से होने वाली शासकीय खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

विभागों के काम में तेजी लाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूंजीगत व्यय से राज्य की आधारभूत संरचना मज़बूत होती है और दीर्घकालिक विकास की नींव पड़ती है। उन्होंने कम पूंजीगत व्यय वाले विभागों को कार्यों में गति लाने के निर्देश दिए।
अटल निर्माण वर्ष
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के रजत जयंती वर्ष को अटल निर्माण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इस वर्ष के बजट में पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक प्रावधान किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में प्रावधानित कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति समय पर दी जाए, स्वीकृत कार्यों के टेंडर शीघ्र जारी हों और बिना विलंब कार्य प्रारंभ हो।
Biometric Attendance मुख्यमंत्री की अफसरों को नसीहत
विष्णुदेव साय ने विभागीय सचिवों से कहा कि आप सभी जनता की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनें और उनका निराकरण करें। उन्होंने कहा कि सतत मॉनिटरिंग और नियमित प्रवास से विकास की गति बढ़ती है। प्रभारी सचिव अपने-अपने प्रभार वाले जिलों का हर दो माह में दौरा कर योजनाओं के क्रियान्वयन की गहन समीक्षा करें।
बैठक में ये अफसर रहे मौजूद
इस अवसर पर मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, राहुल भगत, ऊर्जा सचिव रोहित यादव सहित सभी विभागीय सचिव और विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।




