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पीएमएलए की इन धाराओं को बघेल ने दी है चुनौती

कोर्ट में आज क्‍या हुआ

PMLA रायपुर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) को मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम (PMLA) 2002 के तहत प्राप्‍त शक्तियों को चुनौती देने वाली पूर्व मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल की याचिका पर आज (बुधवार) को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका सुनवाई के लिए तीन जजों की पीठ के सामने रखी गई थी।

पीएमएलए की इन धाराओं को बघेल ने दी है चुनौती

पूर्व सीएम बघेल ने PMLA की कुछ धाराओं को चुनौती दी है। उन्‍होंने पीएमएलए की धारा 44, 50 और 63 को चुनौती दी है। पूर्व सीएम की तरफ से वरिष्‍ठ वकील कपिल सिब्‍बल ने पक्ष रखा।  

तीन जजों की पीठ में हुई सुनवाई

ईडी की शक्तियों को चुनौती देने वाली पूर्व मुख्‍यमंत्री बघेल की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की पीठ ने सुनवाई की। इस पीठ में जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्जल भूइयां और जस्टिस एनके सिंह शामिल हैं।

PMLA  सोमवार को पेश हुई थी याचिका

बता दें कि पूर्व सीएम की तरफ से सोमवार को कोर्ट में याचिका पेश की गई थी। इसमें पूर्व सीएम ने अपने लिए अग्रिम जमानत और जेल में बंद पुत्र चैतन्‍य बघेल के लिए जमानत की अर्जी लगाई थी। सोमवार को कोर्ट जमानत के लिए हाईकोर्ट जाने और ईडी की शक्तियों को चुनौती देने वाली याचिका अलग से दाखिल करने का निर्देश दिया था।

जानिए- बघेल की याचिका पर कोर्ट ने क्‍या  कहा

सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को पूर्व सीएम की याचिका पर सुनवाई हुई। कोर्ट ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 11 अगस्‍त की तय की है। अब इस मामले की सुनवाई 11 अगस्‍त को होगी।

कोर्ट में आज क्‍या हुआ

पूर्व सीएम की तरफ से वरिष्‍ठ वकील कपिल सिब्‍बल पेश हुए। मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सूर्यकांत ने याचिका पर सबसे पहले प्राथमिक आपत्तियों पर बहस होगी। इस पर जवाब सुना जाएगा। इसके बाद गुण-दोष पर बहस होगी।

PMLA  सिब्‍बल ने की आपत्ति

याचिका पर तीन चरणों में सुनवाई करने की बात पर पूर्व सीएम बघेल के वकील सिब्‍बल ने आपत्ति की। उन्‍होंने कहा कि यदि सुनवाई टाली जा रही है तो समय सीमा में इस पर फैसला आना कठिन है।

उन्‍होंने कहा कि पीएमएलए की धारा 44ए पर सुनवाई जरुरी है। इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि सोमवार को पीएमएलए को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई की जाएगी। इससे पहले कुछ जमानत याचिकाओं पर सुनवाई की जाएगी।

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