Gold Reserve Update: वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच दुनिया के केंद्रीय बैंकों ने अपनी तिजोरियां भरना शुरू कर दिया है। फरवरी महीने के आंकड़ों ने सबको चौंका दिया है, जहां एक तरफ सोने के दाम (Gold Prices) आसमान छू रहे थे, वहीं यूरोपीय देश पोलैंड (Poland) दुनिया में सबसे बड़ा गोल्ड खरीदार बनकर उभरा है।
आदेश और डेटा की मुख्य बातें (Key Highlights)
- Total Buying: फरवरी में केंद्रीय बैंकों ने कुल 27 टन सोना खरीदा।
- Top Buyer: पोलैंड 20 टन के साथ सबसे बड़ा खरीदार बना।
- China’s Streak: चीन के सेंट्रल बैंक ने लगातार 17वें महीने सोना खरीदा।
- Sellers: रूस और तुर्की ने आर्थिक संकट के चलते सोना बेचा।
- India’s Status: भारत का गोल्ड रिजर्व फिलहाल 880 टन (15.17%) पर है।
वर्ल्ड बैंक काउंसिल की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, फरवरी में केंद्रीय बैंकों ने कुल 27 टन सोने की नेट खरीदारी की है। Interestingly (रोचक बात यह है), कि यह लगातार 23वां महीना है जब दुनिया भर के बैंक सोने के शुद्ध खरीदार (Net Buyers) बने हुए हैं।
पोलैंड की बड़ी छलांग (Poland’s Massive Move)
करीब 3.7 करोड़ की आबादी वाले देश पोलैंड ने अकेले फरवरी में 20 टन सोना खरीदा है। Consequently (परिणामस्वरूप), पोलैंड का कुल गोल्ड रिजर्व अब 570 टन तक पहुंच गया है।
- पोलैंड के पास अब उसके कुल विदेशी मुद्रा भंडार का 31% हिस्सा सोने के रूप में है।
- वहां के सेंट्रल बैंक गवर्नर ने भविष्य में इसे 700 टन तक ले जाने का लक्ष्य (Target) रखा है।
- यह भारत के 880 टन के गोल्ड रिजर्व के आंकड़े की ओर तेजी से बढ़ता कदम है।
इन देशों ने भी बढ़ाई अपनी चमक (Major Gold Buyers)
पोलैंड के अलावा भी कई देशों ने इस रेस में हिस्सा लिया है। Moreover (इसके अलावा), मध्य एशियाई देशों में भी सोने को लेकर काफी क्रेज देखा गया:
- उजबेकिस्तान और कजाकस्तान: दोनों देशों ने फरवरी में 8-8 टन सोना खरीदा।
- चेक गणराज्य: लगातार 36वें महीने खरीदारी करते हुए अपने भंडार को 75 टन तक पहुंचाया।
- चीन: ड्रैगन ने लगातार 17वें महीने खरीदारी जारी रखी, अब चीन का कुल गोल्ड रिजर्व 2,308 टन हो गया है।
- मलेशिया और कंबोडिया: इन्होंने भी 1 से 2 टन सोने की खरीदारी की है।
तुर्की और रूस ने क्यों बेचा सोना? (Gold Sellers)
जहाँ पूरी दुनिया सोना खरीद रही है, वहीं तुर्की और रूस ने अपना स्टॉक कम किया है। In fact (वास्तव में), तुर्की को अपनी गिरती मुद्रा ‘लीरा’ (Lira) को संभालने के लिए करीब 8 टन सोना बेचना पड़ा। रूस ने भी युद्ध और आर्थिक दबाव के बीच 6 टन सोना बाजार में निकाला है।
Overall (कुल मिलाकर), दुनिया भर के सेंट्रल बैंक आर्थिक अनिश्चितता के दौर में सोने को सबसे सुरक्षित निवेश मान रहे हैं। पोलैंड का यह प्लान उसे आने वाले समय में यूरोप की एक बड़ी आर्थिक शक्ति बना सकता है।

