Police Commissariat रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्ररी के गठन की कवायद तेज हो गई है। सरकार के निर्देश पर डीजीपी अरुण देव गौतम ने इसके लिए आईपीएफ अफसरों की एक कमेटी गठित की है। यह कमेटी अलग-अलग राज्यों के सिस्टम का अध्ययन कर ड्राफ्ट तैयार करेगी और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके आधार पर रायपुर कमिश्ररी का गठन की रुप रेखा तय की जाएगी।
रायपुर कमिश्ररी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए एडीजी प्रदीप गुप्ता के नेतृत्व में कमेटी बनाई गई है। डीजीपी अरुण देव गौतम के हस्ताक्षर से जारी इस आदेश के अनुसार कमेटी में आईपीएस अजय यादव, अमरेश मिश्रा, ध्रुव गुप्ता, अभिषेक मीणा, संतोष ङ्क्षसह और प्रभात कुमार को शामिल किया गया है।
अफसरों के अनुसार आईपीएस अफसरों की कमेटी तय करेगी कि रायपुर कमिश्ररी का गठन छत्तीसगढ़ पुलिस एक्ट 2007 में संशोधन करके किया जा सकता है या इसके लिए अलग से विधेयक लाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार कमेटी महीनेभर में अपनी रिपोर्ट डीजीपी के माध्यम से सरकार को सौंपेगी।
रायपुर में बढ़ते अपराध को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 15 अगस्त को प्रदेश की जनता को संबोधित करते हुए रायपुर में पुलिस कमिश्ररी बनाने की घोषणा की है। इस बात की संभावना व्यक्त की जा रही है कि रायपुर पुलिस कमिश्ररी एक नवंबर से अस्तित्व में आ जाएगा।
बताया जा रहा है कि रायपुर पुलिस कमिश्ररी का गठन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों कराने की तैयारी चल रही है। इस वर्ष छत्तीसगढ़ अपनी स्थापना की 25वीं वर्षगांठ मना रहा है। राज्योत्सव में प्रधानमंत्री मोदी को आमंत्रित किया गया है। इसी दौरान रायपुर पुलिस कमिश्ररी के गठन की योजना है।
रायपुर पुलिस कमिश्ररी छत्तीसगढ़ की पहली पुलिस कमिश्ररी होगी। अफसरों के अनुसार रायपुर में सिस्टम के सफल होने के बाद इसे राज्य के दूसरे बड़े शहरों में भी लागू किया जा सकता है।
अफसरों के अनुसार पुलिस कमिश्ररी वरिष्ठ रैंक के अफसरों की पोस्टिंग होगी। यदि कमिश्रर एडीजी रैंक के बनाए जाते हैं तो आईजी और डीआईजी के साथ एसपी रैंक के करीब आधा दर्जन अफसरों की पोस्टिंग होगी। पुलिस कमिश्रर का पद आईजी रैंक के अफसर को सौंपा जाता है तो डीआईजी और एसपी रैंक के अफसरों की संख्या बढ़ जाएगी।