कर्मचारी हलचलराज्य

Power विद्युत कंपनी के  निजीकरण की आशंका: पेंशनर एसोसिएशन ने पेंशन ट्रस्‍ट को बचाने की लगाई गुहार

Power रायपुर। छत्‍तीसगढ़ राज्‍य विद्युत मंडल पेंशनर्स एसोसिएशन ने राज्‍य विद्युत नियामक आयोग से कंपनी के पेंशन ट्रस्‍ट को बचाने की गुहार लगाई है। एसोसिएशन की तरफ से शुक्रवार को अध्‍यक्ष वीके पांडेय और सचिव सुधीर नायक आयोग के सामने पेश किए। उन्‍होंने आयोग के सामने बिंदुवार अपनी बात रखी

उन्‍होंने पावर कंपनियों पर मंडरा रहे निजीकरण के खतरे की ओर ध्‍यान आकर्षित करते हुए कहा कि ऐसे में पेंशनरों का भविष्‍य खतरें में पड़ जाएगा। उन्‍होंने कहा कि कंपनी के हजारों पेंशनरों का जीवन इसी के भरोसे चल रहा है। एसोसिएशन ने कंपनी की डिस्‍पेंसरी में दवा और सुविधाओं की कमी का भी उल्‍लेख किया। इसके साथ ही कोरबा वेस्‍ट प्‍लांट में सलाहकारों की नियुक्ति पर सवाल उठाया।

एसोसिएशन के अध्‍यक्ष पांडेय ने कहा कि कोरबा में बड़ी संख्‍या में सेवानिवृत्‍त कर्मचारी, इंजीनियर और अधिकारी मौजूद हैं, जो कंपनी को बिना किसी शुल्‍क के सेवा देने को तैयार हैं। इससे न केवल कंपनी को लाभ होगा बल्कि सेवा देने से हमारी आयु भी दो वर्ष बढ़ जाएगी।

एसोसिएशन के लिए भवन या जमीन की मांग

एसोसिएशन के कार्यालय के लिए रायपुर में भवन या जमीन देने का आग्रह भी आयोग से संगठन की तरफ से किया गया।

शक्ति भवन की दिलाई याद

नया रायपुर में बिजली कंपनियों का नया मुख्‍यालय भवन बनाए जाने का विरोध करते हुए वीके पांडेय ने कहा कि एक दौर था जब मध्‍य प्रदेश विद्युत मंडल फायदे में चलने वाला बोर्ड था। लगभग हर साल एक नया पावर प्‍लांट स्‍थापित किया जाता है। फिर सरकार ने शक्ति भवन का निर्माण कराया। उसी एजेंसी ने कोरबा में एक अस्‍पताल का भी निर्माण किया। इन निर्माण कार्यों के बाद पावर प्‍लांट लगाने की रफ्तार थम गई।

पेंशन ट्रस्‍ट  का ऑडिट कराने की मांग

पेंशनर्स एसोसिएशन  ने पेंशन ट्रस्‍ट का ऑडिट कराने की मांग की। उन्‍होंने कहा कि अभी जो लोग पेंशन ट्रस्‍ट में पैसा जमा नहीं कर रहे हैं वे भूल गए हैं कि वे भी एक दिन रिटायर होगें।

सोलर थोपे जाने का विरोध

एसोसिएशन ने पावर कंपनी के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए रुप टॉफ सोलर प्‍लांट अनिवार्य किए जाने का कड़ा विरोध किया। कहा कि कई ऐसे सेवानिवृत्‍त हैं जिनसे चश्‍मा नहीं उठ रहा है वे सोलर पैनल को कैसे संभालेंगे। उन्‍होंने बिजली बिल पर मिलने वाली रियायत बहाल करने की मांग की।

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