Power विद्युत अधिनियम के विरोध में हुए प्रदर्शन में शामिल हुआ पेंशनर्स एसोसिएशन: लगाया निजीकरण का आरोप

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Power रायपुर। केंद्र सरकार ने विद्युत अधिनियम (संशोधन) 2025 के खिलाफ मंगलवार को देशभर में प्रदर्शन किया। बिजली कर्मियों का आरोप है कि इस कानून के जरिये केंद्र सरकार तमाम विद्युत संस्थाओं को राष्ट्रीय स्तर पर निजीकरण की आग में झोंकने का प्रयास कर रही है।  

छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पेंशनर्स एसोसिएशन के महासचिव सुधीर नायक ने कहा कि  हम सब एक स्वर में राष्ट्र के साथ विद्युत संस्थान के उत्थान और कल्याण के लिए खड़े हैं।  अगर इस सरकार इन संस्थानों के निजीकरण का प्रावधान रखती है तो हम सरकार की ईंट से ईंट बजा देंगे,,  अन्याय पूर्ण तरीके से और इस विद्युत के और फूलते फलते विद्युत के उद्योगों को परिवारवाद की होड़ पूंजीपति परिवारों को देने के लिए निजीकरण की ओर चल पड़ी है। सरकार।

उन्‍होंने बताया कि संपूर्ण राष्ट्रीय स्तर पर विद्युत के संस्थान के ट्रेड यूनियंस और पेंशन संगठन ने विद्युत संस्थान की निजीकरण के नीति का बहिष्कार किया है पूर्ण विरोध किया है।

ऐसे राष्ट्र विरोधी, विद्युत संस्थान विरोधी ,कर्मचारी, और पेंशनर विरोधी, शोषणकारी बिल का हम जोरदार विरोध करते हुए राष्ट्रीय नेतृत्व छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पेंशनर्स एसोसिएशन के महासचिव सुधीर नायक तथा प्रदेश की विभिन्न शाखाओं द्वारा दिनांक 10 मार्च 2026 को पुरजोर विरोध  किया गया.,, ऑल इंडिया पावर इंडियन फेडरेशन के नेता शैलेंद्र दुबे का समर्थन करते हुए  जिसमें निम्न शाखाओं का प्रदर्शन सामने आया हैं.

1-शाखा कोरबा सुधीर रेंगे, एनसी जैन,विश्वकर्मा जी,

2-शाखा अंबिकापुर, श्याम बाबू गुप्ता, नामदेव जी, शेख अंसारी,

3-शाखा जगदलपुर, कांकेर प्रभु साहू अली भाई जान आदि

  4-राजनंदगांव ,दुर्ग ,भिलाई, बालोद एवं बिलासपुर                 

अन्य शाखाओं की जानकारी अनुसार पुरजोर विरोध किया है ,,

विरोध प्रदर्शन करने वालीं सम्बंधित शाखाओं की कार्यकारिणी, पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों, सदस्यों के साथ प्रदेश संरक्षक रहे इंजीनियर हरिश्चंद्र निषाद और प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र पांडे, भगवान सिंह चंदेल, टी आर केवट, पीके दुबे, हेमंत तिवारी, तुलसीराम साहू, रामनारायण साहू, बसंत निषाद रायपुर से महासचिव सुधीर नायक आदि ने केंद्र सरकार की विद्युत संस्थान को निजीकरण नीति का पुरजोर विरोध करते हुए चेतावनी दी है कि सरकार रोलबैक ले और विद्युत संस्थान को स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर बना रहने दे, अन्यथा आगामी चुनाव में सरकार को इसका अंजाम भगत्ने के लिए तैयार रहना चाहिए,, हम विद्युत के उद्योग में शांति की स्थापना करना चाहते हैं।

chatur postMarch 11, 2026
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