Principal Promotion रायपुर। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय तत्कालीन दिग्विजय सरकार ने नियमित शिक्षकों के पद विरुद्ध स्थानीय निकायों के जरिये अत्यंत अल्प मानदेय पर शिक्षाकर्मी नामक बिना विभाग के पद को सृजित कर शिक्षित बेरोजगारों के नियमित शिक्षक बनने के सपनो को कुठाराघात किया गया था। रोजगार की चाह में शिक्षित बेरोजगारों के पास मात्र 500 रुपये की नौकरी स्वीकार करने के अलावा और कोई चारा नही था।
जब छत्तीसगढ़ अलग हुआ तो तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने शिक्षाकर्मी से एक स्टेप नीचे जाकर संविदा शिक्षक की भर्ती करने लगे। 1994 से नियमित शिक्षक की भर्ती बंद होने से लेकर 2018 में संविलियन होने तक शिक्षाकर्मियों का जीवन अत्यंत संघर्षमय रहा। इस संघर्ष में शालेय शिक्षक संघ की अहम भूमिका रही।
प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में इनकी टीम ने संविदा शिक्षक से पहले शिक्षाकर्मी फिर शिक्षाकर्मी से नियमित शिक्षक और अब प्राचार्य बनने तक, अपनी कुशल रणनीति, जुझारू और निडर नेतृत्व तथा ईमानदार संघर्ष के प्रयासों के बल पर प्रदेश के शिक्षकों में प्रभावी छाप छोड़ रखा है।
शालेय शिक्षक संघ के प्रांताध्यक्ष वीरेंद्र दुबे ने प्राचार्य प्रमोशन में पदोन्नति पाने वाले शिक्षक एलबी संवर्ग को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस मुकाम तक पहुचने में जो गर्वानुभूति हो रही है उसे वही महसूस कर सकता है जिसने वर्षों संघर्ष किया है और अनेकों दमनात्मक कार्यवाहियां झेली है। शिक्षाकर्मी इतिहास में यह दिन स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा जब हमारे एल बी संवर्ग के साथी प्राचार्य बनकर स्कूलों का नेतृत्व करेंगे।
शालेय शिक्षक संघ के महासचिव धर्मेश शर्मा ने सभी पदोन्नत प्राचार्यो को बधाई देते हुए कहा कि अनियमित कर्मचारी से संस्था प्रमुख बनना गर्व की बात है। संगठन व शिक्षक साथियों का संघर्ष ही सफलता का कारक है। ञ्ज संवर्ग में प्राचार्य पदोन्नति हो चुकी है और अब श्व संवर्ग में भी काउंसलिंग की तिथि आ चुकी है।
Chaturpost.com के WhatsApp Channel से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें: कृपया चैनल पर जाने के बाद फोलो को प्रेस कर दें
शालेय शिक्षक संघ ने सामान्य प्रशासन विभाग के 2014 के एक आदेश के तहत दिव्यांगजन शिक्षकों को पदोन्नति में 3′ नियमानुसार आरक्षण की मांग उठाई थी, फिर 2025 में पुन: सामान्य प्रशासन विभाग ने यह आरक्षण देने के लिए निर्देशित किया है।
Chaturpost.com के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें
इसी मुद्दे को लेकर संगठन के महासचिव ने शिक्षा सचिव से मुलाकात की और प्राचार्य पदोन्नति में डीपीसी रिव्यू करने की मांग की, जिससे पात्र शिक्षको को इसका लाभ मिल सके। धर्मेश शर्मा में बताया कि सचिव महोदय ने नियमानुसार कार्रवाई व रिव्यू डी पी सी में अवसर प्रदान करने की बात कही है।
शालेय शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष चन्द्रशेखर तिवारी, प्रांतीय मीडिया प्रभारी जितेंद्र शर्मा और दंतेवाड़ा जिलाध्यक्ष संतोष मिश्रा ने संगठन के ज्ञापन को प्रेस को देते हुए कहा कि संगठन के सार्थक प्रयासों के चलते ही सबसे पहले व्याख्याता की वरिष्ठता सूची का संशोधन किया गया व अपात्र शिक्षको के नाम हटाये गए,जिससे प्राचार्य पदोन्नति में आ रही बाधाएं समाप्त हुई और अब तो ञ्ज संवर्ग में नव पदोन्नत प्राचार्यो की पदस्थापना भी हो गई। श्व संवर्ग में भी अब काउंसलिंग होने वाला है। दिव्यांग शिक्षक साथियों को उनका अधिकार मिले इसके लिए संगठन प्रयासरत है।
Chaturpost.com के WhatsApp ग्रुप से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें