Rail ट्रेन के 3A और 3E कोच में क्‍या अंतर है?  जानिए- किराया से लेकर सुविधा तक विस्‍तार से…

schedule
2025-07-23 | 09:09h
update
2025-07-23 | 09:09h
person
chaturpost.com
domain
chaturpost.com

Rail  न्‍यूज डेस्‍क। भारतीय रेलवे में नए- नए प्रयोग हो रहे हैं। तकनीक के विकास के साथ रेल यात्रा को सुरिक्षत बनाने के लिए देशभर में ऑटोमेटिक सिग्‍नल  सिस्‍टम लगाया जा रहा है। वहीं, यात्री ट्रेनों में भी नए- नए प्रयोग हो रहे हैं। ट्रेनों के नाम उनकी दूरी, स्‍टॉपेज (ठहराव) और दूरी के आधार पर तय किए जाते हैं।

पहले कुछ चुनिंदा ट्रेनें ही चलती थ्

पहले कुछ चुनिंदा नाम वाली ट्रेनें ही चलती थी, जिनमें पैसेंजर, मेल, एक्‍सप्रेस, राजधानी और शताब्‍दी ट्रेन शामिल है। ट्रेन की गति के लिहाज से राजधानी और शताब्‍दी ट्रेनों की गति सबसे ज्‍यादा होती थी। इसके बाद मेल और सुपरफास्‍ट का नंबर आता था। इकसे बाद एक्‍स्‍प्रेस और फिर पैसेंजर।

अब स्‍पीड को लेकर नए प्रयोग

नए दौर में यात्री ट्रेनों की स्‍पीड और सुविधा को लेकर नए- नए प्रयोग हो रहे हैं। अब वंदेभारत जैसी पूरी तरह वातानुकूलित ट्रेनें चलने लगी है। वंदे भारत की स्‍पीड राजधानी और शताब्‍दी  ट्रेनों से अधिक है। इसी तरह पैसेंजर ट्रेनें में भी डेमू और मेमू श्रेणी की ट्रेनें चल रही हैं।

क्‍लास में भी बदलाव

यात्री ट्रेनों में नई श्रेणी के कोच भी जोड़े जा रहे हैं। पिछले कुछ समय से सामान्‍य यात्री ट्रेनों की एसी श्रेणी में नया कोच जोड़ा जा रहा है, जिससे एसी 3 ई या 3 एसी ई नाम दिया गया है। यह तृतीय श्रेणी के एसी कोच जैसा ही है।

Rail  जानिए-   3AC और AC 3E क्‍या अंतर है

3AC और AC 3E या AC3 और 3AC- E दोनों ही वातानुकूलित हैं, लेकिन दोनों में बहुत कुछ अलग है। किराया से लेकर यात्री सुविधाओं में काफी अंतर है। हालांकि रेलवे के अफसर कहते हैं कि दोनों में स्‍पेस (जगह) के अलावा कोई अंतर नहीं है। वहीं, 3AC और AC 3E दोनों श्रेणी में यात्रा कर चुके रेल यात्रियों की राय में दोनों में काफी अंतर है।

3AC और AC 3E के किराया में कितना अंतर है

ट्रेनों में 3AC और AC 3E के किराया में अंतर है। 3AC की तुलना में AC 3E का किराया कम है। यह अंतर ट्रेन की स्‍पीड और दूसरी के आधार पर थोड़ा अलग-अलग है। सामान्‍यत: दोनों के किराया में 95 से लेकर 100 रुपए तक का अंतर है।

जानिए- 3AC और AC 3E कोच और सुविधा में क्‍या अंतर है

रेलवे की 3AC और AC 3E के कोच और सुविधा में अंतर है। 3AC की AC 3E की सीट पलती है और दो सीटों के बीच जगह भी थोड़ा कम है। AC 3E के कुछ कोच में मीडिल सीट नीचे करने के बाद लोवर सीट पर आराम से बैठा नहीं जा सकता है। साइड की अपर लोवर सीट की चौड़ाई भी कम है।

चार्चिंग और अन्‍य सुविधाएं

यात्री ट्रेनों की 3AC और AC 3E में दिए गए मोबाइल चार्चिंग प्‍वाइंट में भी अंतर है। 3AC में जहां ज्‍यादा चर्चिंग के लिए ज्‍यादा सॉकेट रहते हैं। वहीं AC 3E में लंबी सीट पर नीचे दोनों तरफ और साइट सीट में एक शॉकेट साकेट होता है। AC 3E में बाकी मीटिल, अपर और साइट अपर सीट के साथ यूएसपी चार्जिंग प्‍वाइंट मिलता है।

3AC और AC 3E के टायलेट में अंतर

रेलवे ने AC 3E कोच को आधुनिक और ज्‍यादा सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया है, लेकिन इससे कई तरह की समस्‍या हो गई है। दोनों कोच 3AC और AC 3E के टायलेट में भी अंतर है। AC 3E के टायलेट अपेक्षाकृत छोटा है।

Rail  जानिए- 3AC और AC 3E के सुरक्षा में अंतर

ट्रेनों में एसी कोचो को ज्‍यादा सुरक्षित माना जाता है, क्‍योंकि इन कोचो में वेंडर या भीखारी आदि को प्रवेश करने नहीं दिया जाता है। लेकिन AC 3E में ऐसा नहीं है। इस मामले में यह स्‍लीपर क्‍लास है। आधी रात तक वेंडर फेरी लगाते है। इसी तरह भीखारी भी बड़े आराम से घुस जाते हैं।

दोनों कोच को लेकर क्‍या है यात्रियों की राय

एसी 3 ई में यात्रा करने वाले ज्‍यादातर यात्रियों की राय है कि दोनों के किराया में मामूल अंतर है, लेकिन एसी थ्री ज्‍यादा सुविधाजनक है। ऐसे में यात्री थर्ड एसी में ही आरक्षण को प्राथमिकता दे रहे हैं। जब इस श्रेणी में टिकट नहीं मिलता है, तभी एसी थ्री ई का रुख करते हैं।

यात्री ट्रेन में कोच की श्रेणियां

A- यात्री ट्रेनों में प्रथम श्रेणी की वातानुकुलित कोच के लिए ए का प्रयोग किया जाता है।

H- प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच के लिए अब एच का प्रयोग ज्‍यादा किया जा रहा है।  

HA- यह भी वातानुकूलित कोच है। इसमें प्रथम और द्वितीय दोनों श्रेणी की सीट रहती है।

2A- सेकेंड एसी या एसी-2 टियर श्रेणी की कोच के लिए 2 ए लिखा जाता है।  ये कोच भी वातानुकूलित होते हैं।

Related Articles

B- एसी थ्री एसी 3 टियर श्रेणी के कोच के लिए बी का प्रयोग किया जाता है। यह भी वातानुकूलित होता है।

AC3E- एसी 2 ई रेलवे में नए जोड़े गए कोच है। इन्‍हें एसी थ्री इकॉनामी कोच कहा जाता है। ये भी वातानुकूलित होते हैं।

SL- यह स्‍लीपर या गैर वातानुकूलित आरक्षित कोच के लिए प्रयोग किया जाता है।

CC- चेयर कार, इस तरह के कोच जनशताब्‍दी जैसी ट्रेनों होता है।

GS- जीएस यानी जनरल स्‍लीपर कोच आनरक्षित डिब्‍बों पर लिखा जाता है।

chatur postJuly 23, 2025
604 3 minutes read
Follow Us
Imprint
Responsible for the content:
chaturpost.com
Privacy & Terms of Use:
chaturpost.com
Mobile website via:
WordPress AMP Plugin
Last AMPHTML update:
05.03.2026 - 14:18:57
Privacy-Data & cookie usage: