Site icon Chatur Post

मॉल में पार्किंग शुल्क वसूलना अवैध, उपभोक्ता फोरम ने लगाया 50 हजार का जुर्माना; फ्री पार्किंग के दिए निर्देश

badi khabar

Parking Fee Verdict रायपुर। राजधानी के अंबुजा सिटी सेंटर मॉल (Ambuja City Center Mall) में आने वाले उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग (अतिरिक्त पीठ), रायपुर ने एक ऐतिहासिक फैसले में मॉल प्रबंधन द्वारा पार्किंग शुल्क वसूलने को सेवा में कमी और अनुचित माना है। फोरम ने मॉल प्रबंधन को आदेश दिया है कि वे भविष्य में किसी भी उपभोक्ता से पार्किंग शुल्क न लें और शिकायतकर्ता को मानसिक क्षतिपूर्ति के रूप में 50 हजार रुपये का भुगतान करें।

क्या है पूरा मामला?

सिविल लाइंस निवासी अजिनेश शुक्ला ने जून 2025 में अंबुजा मॉल के खिलाफ परिवाद दायर किया था। शिकायत के अनुसार, जब वे अपनी माताजी को मॉल में ड्रॉप करने गए थे, तब टोल काउंटर पर उनसे 30 रुपये पार्किंग शुल्क की मांग की गई। अजिनेश ने तर्क दिया कि वे केवल अपनी बुजुर्ग माताजी को पिक-अप और ड्रॉप करने आए हैं और पार्किंग का उपयोग नहीं करना चाहते, लेकिन मॉल कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया कि परिसर में प्रवेश करने वाले हर वाहन को शुल्क देना अनिवार्य है। विवश होकर उन्हें शुल्क देना पड़ा, जिसकी रसीद को आधार बनाकर उन्होंने उपभोक्ता फोरम का दरवाजा खटखटाया।

उपभोक्ता फोरम का कड़ा फैसला

प्रशांत कुण्डू (अध्यक्ष) और डा. आनंद वर्गीस (सदस्य) की पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि मॉल एक व्यावसायिक परिसर है और वहां आने वाले ग्राहकों को निशुल्क पार्किंग उपलब्ध कराना प्रबंधन की जिम्मेदारी है। फोरम ने अपने आदेश में निम्नलिखित मुख्य बिंदु जारी किए:

  1. निशुल्क पार्किंग की व्यवस्था: अंबुजा सिटी सेंटर मॉल प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर से आने वाले किसी भी उपभोक्ता से पार्किंग शुल्क न लें और निशुल्क पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करें।
  2. भारी जुर्माना: परिवादी को हुई मानसिक परेशानी के लिए मॉल प्रबंधन 50,000 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि 45 दिनों के भीतर प्रदान करेगा।
  3. वाद व्यय: इसके अलावा, परिवादी को कानूनी खर्च के रूप में 5,000 रुपये अलग से देने होंगे।
  4. ब्याज की शर्त: यदि 45 दिनों के भीतर भुगतान नहीं किया जाता है, तो मॉल प्रबंधन को 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ पूरी राशि चुकानी होगी।

आम जनता के लिए मिसाल

यह फैसला रायपुर के अन्य मॉल और व्यावसायिक केंद्रों के लिए भी एक नजीर साबित होगा, जहां अक्सर उपभोक्ताओं से पार्किंग के नाम पर भारी वसूली की जाती है। फोरम ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ता को मॉल परिसर में प्रवेश करने से रोकने या जबरन पार्किंग शुल्क लेना कानूनन गलत है।

Exit mobile version