Raipur News रायपुर। राजधानी के भनपुरी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित टार (डामर) प्रोडक्ट्स फैक्ट्री में शनिवार दोपहर लगी भीषण आग पर लगभग 6 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया। आग इतनी भयावह थी कि 22 किलोमीटर दूर से काले धुएं का गुबार दिखाई दे रहा था। समय रहते फैक्ट्री खाली करा लेने से बड़ा हादसा टल गया, हालांकि कच्चे माल और मशीनरी को भारी नुकसान पहुंचा है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार खमतराई थाना क्षेत्र की है। दोपहर करीब 1 बजे फैक्ट्री परिसर से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। कुछ ही मिनटों में आग की लपटें तेज हो गईं। फैक्ट्री में तार, ऑयल, केमिकल और अन्य ज्वलनशील पदार्थ बड़ी मात्रा में मौजूद थे, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई।
आग का धुआं इतना घना था कि आसपास का आसमान काले बादलों जैसा नजर आने लगा। दूर-दराज के इलाकों से भी धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा था। औद्योगिक क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और आसपास की फैक्ट्रियों के कर्मचारी बाहर निकल आए।
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। शुरुआती घंटों में पानी की 4 टंकियां खाली हो गईं, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आसपास पानी की कमी के कारण दूर-दूर से दमकल वाहन बुलाए गए। लगातार पानी की सप्लाई और फोम के इस्तेमाल से शाम तक आग को नियंत्रित किया जा सका।
मौके पर मौजूद निरीक्षक राजेश सिंह ने बताया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड ने तत्परता दिखाते हुए फैक्ट्री को तुरंत खाली कराया। कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। पुलिस ने अनाउंसमेंट कर भीड़ को भी दूर किया।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच रिपोर्ट के बाद ही होगी। जिस फैक्ट्री में आग लगी, वह रायपुर निवासी धारीवाल परिवार की बताई जा रही है।
आग से फैक्ट्री में रखे कच्चे माल, केमिकल ड्रम और मशीनरी को भारी नुकसान पहुंचा है। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। आग बुझने के बाद भी एहतियातन कूलिंग का काम देर रात तक चलता रहा ताकि दोबारा आग न भड़के।
उरला और खमतराई थाना पुलिस सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। लोगों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की गई। औद्योगिक क्षेत्र में सुरक्षा मानकों की समीक्षा की भी बात कही जा रही है।