रायपुर | दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर रेल मंडल ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सफलता का नया इतिहास रच दिया है। मंडल ने अपनी स्थापना के समय (वर्ष 2003) के 21.5 मिलियन टन लदान के आंकड़े को दोगुने से अधिक करते हुए इस वर्ष 46.44 मिलियन टन का रिकॉर्ड लदान हासिल किया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ रायपुर मंडल भारतीय रेलवे के शीर्ष मंडलों में 9वें स्थान पर काबिज हो गया है।
राजस्व में 3.87 प्रतिशत की शानदार बढ़ोत्तरी
मंडल रेल प्रबंधक (DRM) दयानंद के कुशल निर्देशन में रायपुर मंडल ने पिछले वित्तीय वर्ष (2024-25) के 44.73 मिलियन टन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। 31 मार्च 2026 तक मंडल ने 4983 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 4 प्रतिशत अधिक है।
रायपुर मंडल ने मुख्य रूप से कोयला, स्टील प्लांट रॉ-मटेरियल, पिग आयरन, फिनिश्ड स्टील, आयरन ओर, सीमेंट, अनाज और फर्टिलाइजर का लदान किया है।
यात्री सुविधाओं और आय में भारी उछाल
माल ढुलाई के साथ-साथ यात्री सुविधाओं और आय के क्षेत्र में भी रायपुर मंडल ने नए आयाम छुए हैं:
- यात्री यातायात: पिछले वर्ष की तुलना में 8.99% की वृद्धि।
- यात्री राजस्व: इसमें 4.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
- खानपान आय: सबसे अधिक 69.46% की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई।
- पार्किंग आय: ₹3.48 करोड़ के साथ लक्ष्य को फिर से पार किया।
- विविध आय: ₹248.76 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
विशेष ट्रेनें और नई पहल
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंडल ने 19 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के 195 ट्रिप सफलतापूर्वक चलाए और 12 भारत गौरव ट्रेनों का परिचालन किया।
🌟 प्रमुख नई सुविधाएं:
- वंदे भारत और हमसफर में विज्ञापन: प्रीमियम ट्रेनों से राजस्व के नए स्रोत जोड़े गए।
- हेल्थ बेस लाउंज और इमरजेंसी मेडिकल रूम: स्टेशनों पर यात्रियों के स्वास्थ्य और आराम के लिए विशेष इंतजाम।
- स्लीपर क्लास में बेडरोल: नॉन-एसी स्लीपर कोचों में सैनिटाइज्ड बेड रोल की आपूर्ति शुरू।
- दुर्ग में पार्सल स्कैनर: सुरक्षा के लिए दुर्ग स्टेशन पर आधुनिक स्कैनर स्थापित।
- डिजिटल सुविधाएं: स्टेशनों पर फोटोकॉपी मशीन और पार्सल पैकिंग जैसी सेवाएं शुरू की गईं।
इन अधिकारियों के नेतृत्व में मिली सफलता
इस उपलब्धि का श्रेय रायपुर मंडल के अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम वर्क को जाता है। इसमें वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) अवधेश कुमार त्रिवेदी के नेतृत्व में यात्री सुविधाओं और आय में सुधार हुआ, वहीं वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (Sr. DOM) मनीष अग्रवाल के प्रयासों से माल लदान में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी संभव हुई।
मंडल के अनुसार, आधुनिक लोडिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्राहक-केंद्रित नीतियों के कारण ही विपरीत परिस्थितियों में भी यह लक्ष्य हासिल किया जा सका है।

