Rajya Sabha रायपुर। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल 9 मार्च को पूरा हो रहा है। रिक्त हो रही इन दोनों सीटों के लिए चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख 5 मार्च है। ऐसे में दोनों पार्टियों से टिकट के दावेदार सक्रिय हैं।
छत्तीसगढ़ के जिन दो राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल पूरा हो रहा है, वे दोनों कांग्रेस के कोटे से हैं। 2023 के विधानसभा चुनाव के बाद से बदली हुई परिस्थितियों में दो में से एक सीट कांग्रेस और एक सीट भाजपा के हिस्से में जा सकती है।
राज्यसभा की सीटों के लिए दावेदारों का नाम जानने से पहले समझिए राज्यसभा के सीटों का समीकरण क्या है। राज्यसभा के सीटें विधायकों की संख्या के हिसाब से तय होता है। छत्तीसगढ़ का विधानसभा 90 सदस्यीय है, यहां राज्यसभा के पांच सदस्य हैं। यानी 18 विधायकों पर एक सीट का गणित बैठता है।
चुनाव आयोग से जारी राज्यसभा के चुनाव कार्यक्रम के अनुसार नामांकन जमा करने की अंतिम तारीख होली के दूसरे दिन 5 मार्च तय की है। उम्मीद की जा रही है कि दोनों पार्टियों के उम्मीदवार 5 मार्च को ही नामांकन दाखिल करें।
छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की सीट के लिए कांग्रेस से दावेदारों की सूची लंबी है। दावा है कि पार्टी ने डॉ. चरणदास महंत का नाम फाइनल कर दिया है, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार ऐसा नहीं है। कांग्रेस आदिवासी समाज से किसी को राज्यसभा भेज सकती है।
छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के अभी चार सदस्य हैं इनमें फूलोदेवी नेताम स्थानीय है, बाकी तीन यानी केटीएस तुलसी, राजीव शुक्ला और रंजीता रंजन हैं। तुलसी और नेताम का कार्यकाल पूरा हो रहा है। फूलोदेवी आदिवासी समाज से आती हैं। वोट बैंक की राजनीति के हिसाब से दावा किया जा रहा है कि कांग्रेस फिर किसी आदिवासी को राज्यसभा भेज सकती है।
कांग्रेस से राज्यसभा सीट के दावेदारों में पीसीसी चीफ दीपक बैज व पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मोहन मनकाम आदिवासी समाज से आते हैं। इनके अलावा टीएस सिंहदेव और ओबीसी वर्ग से लेखराम साहू का नाम चर्चा में है।
भाजपा में टिकट के लिए अलग समीकरण है। सत्तारुढ़ भाजपा से टिकट के दावेदारों में जिन नामों की चर्चा है उनमें एससी वर्ग से आने वाले नवीन मार्कडेय के अलावा सरोज पांडेय, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और गौरीशंकर अग्रवाल प्रमुख है। पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार भाजपा नए चेहरों पर भी विचार कर रही है।