
RajySabha रायपुर। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की दो सीटें रिक्त होने वाली है। कांग्रेस के कोटे से राज्यसभा सदस्य फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल 9 माच्र को संपन्न हो रहा है। राज्यसभा चुनाव के लिए चुनाव आयोग की तरफ से अधिसूचना जारी कर दी गई है। इसके साथ ही नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
दोनों पार्टियों के हिस्से में एक-एक सीट
राज्यसभा की रिक्त हो रही दो सीटों में से एक-एक सीट कांग्रेस और भाजपा के खाते में जा सकती है, हालांकि संख्या बल को देखते हुए एक चर्चा यह भी है कि भाजपा दोनों सीटों पर प्रत्याशी खड़ा कर दे, इससे चुनाव रोचक हो जाएगा।
जानिए- कैसे तय होता है किस पार्टी के हिस्से में जाएगी सीट
राज्यसभा की सीटों का पूरा गणित विधानसभा में सदस्यों की संख्या पर निर्भर करता है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में 90 सदस्य हैं और राज्यसभा के सीटों की संख्या पांच है। इस तरह 18 विधायक पर एक राज्यसभा का सदस्य चुना जा रहा है। मौजूदा विधानसभा में भाजपा के 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के 35 और एक गोगंपा के विधायक हैं।
अभी छत्तीसगढ़ से राज्यसभा के सदस्यों की स्थिति
अभी छत्तीसगढ़ की राज्यसभा की पांच में से चार सीटें कांग्रेस के पास है और एक भाजपा के पास। ऐसा 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली बम्पर जीत की वजह से हुआ था। कांग्रेस 2018 में 69 सीटों पर जीती थी।
कांग्रेस से राज्यसभा के लिए नाम लगभग तय
छत्तीसगढ़ से कांग्रेस किस नेता को राज्यसभा भेजेगी यह लगभग तय हो गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार सरकार डॉ. चरणदास महंत को राज्यसभा भेज सकती है। डॉ. महंत अभी सक्ती सीट से विधायक और सदन में नेता प्रतिपक्ष हैं।
यह है डॉ. महंत के पक्ष में संकेत
पार्टी नेताओं के अनुसार राज्यसभा चुनाव की तैयारी शुरू होते ही पार्टी आलाकमान के निर्देश पर दिग्विजय सिंह छत्तीसगढ़ आए थे, उन्होंने डॉ. महंत से मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार दिग्गी राजा पार्टी आलाकमान का संदेश लेकर आए थे।
पीसीसी चीफ बैज का बयान
राज्यसभा चुनाव को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का भी बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि इस बार कांग्रेस किसी स्थानीय को ही राज्यसभा भेजेगी। बता दें कि इस वक्त कांग्रेस के चार राज्यसभा सदस्यों के केवल एक फूलोदेवी नेताम ही स्थानीय हैं।
छत्तीसगढ़ के बड़े लीटर हैं महंत
डॉ. महंत छत्तीसगढ़ के बड़े लीडर हैं, उनकी जांजगीर से लेकर कोरबा तक अच्छी पकड़ है। डॉ. महंत लोकसभा सदस्य और केंद्र में राज्यमंत्री रह चुके हैं। इस वक्त उनकी पत्नी कोरबा से सांसद है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार डॉ. महंत की नेता प्रतिपक्ष के रुप में सहज और सरल स्वभाव प्रदेश के कुछ नेताओं को रास नहीं आ रहा है। उनकी राय में सदन के अंदर डॉ. महंत आक्रामक नहीं रहते हैं। बता दें कि इसको लेकर पार्टी का अंदरुनी विवाद सार्वजनिक हो चुका है। पार्टी की एक बैठक में उनके रुख पर हुई टिप्पणी के बाद उन्होंने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा था इस बार लाठी में तेल पीला कर विधानसभा जाना है।
राज्यसभा चुनाव का कार्यक्रम
चुनाव आयोग ने राज्यसभा के चुनाव के लिए 26 फरवरी को अधिसूचना जारी कर दी है। राज्यसभा के सीटों के लिए 5 मार्च तक नामांकन दाखिल किया जा सकता है। 6 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 09 मार्च को नाम वापसी की तारीख तय की गई है। आवश्यक होने पर 16 मार्च को मतादन होगा।




