नई दिल्ली/रायपुर। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी ताजा मौद्रिक नीति में Repo Rate को 5.25 प्रतिशत पर बरकरार (Unchanged) रखा है। साल 2025 में ब्याज दरों में हुई भारी कटौती के बाद अब केंद्रीय बैंक ने ‘ठहराव’ का रास्ता चुना है। हालांकि आम आदमी के मन में सवाल है कि क्या उनका होम लोन (Home Loan) और सस्ता होगा?
EMI का गणित: ₹4000 की बचत पहले ही हो चुकी है
पिछले साल दरों में हुई 125 बेसिस पॉइंट्स की कटौती का फायदा ग्राहकों को मिल चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अब दरें और नीचे जाने की उम्मीद कम है, लेकिन स्थिरता (Stability) ही सबसे बड़ी खुशखबरी है।
| लोन की स्थिति (Scenario) | ब्याज दर (Interest Rate) | मासिक EMI (Approx) | बचत/अंतर |
|---|---|---|---|
| पीक रेट फेज (पुराना) | 9.50% | ₹46,607 | — |
| 2025 की कटौती के बाद | 8.25% | ₹42,603 | ₹4,000 कम |
| RBI के ताजा फैसले के बाद | 8.25% (स्थिर) | ₹42,603 | यथावत (Stable) |
*यह गणना ₹50 लाख के लोन (20 वर्ष की अवधि) के आधार पर एक अनुमान है।
एक्सपर्ट की राय: अब इंतजार करना पड़ेगा भारी? (Expert View)
रियल एस्टेट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब ग्राहकों को ‘रेट’ के बजाय ‘प्रॉपर्टी की कीमत’ पर ध्यान देना चाहिए। इसके पीछे (Behind this) कुछ ठोस कारण हैं:
- Rate-Lock स्कीम्स: कई बिल्डर्स अब रेट-लॉक ऑफर दे रहे हैं, ताकि खरीदार बढ़ती कीमतों से बच सकें।
- बढ़ती डिमांड: घर की कीमतें बढ़ना शुरू हो गई हैं। अगर आप रेट और गिरने का इंतज़ार करेंगे, तो प्रॉपर्टी महंगी हो सकती है।
- किराया बनाम EMI: वर्तमान में होम लोन रेट 7.25% से 8.5% के बीच है, जबकि रेंटल यील्ड (Rental Yield) बढ़ रही है। ऐसे में घर खरीदना अब किराए पर रहने से बेहतर सौदा साबित हो रहा है।
गोल्ड लोन का बढ़ता क्रेज
RBI के इस फैसले के बीच एक नया ट्रेंड (Trend) देखने को मिल रहा है। लोग अब तुरंत नकदी (Liquidity) के लिए गोल्ड लोन को एक बेहतर विकल्प मान रहे हैं। छोटे बिजनेस और आम लोग संपत्ति बेचने के बजाय गोल्ड लोन के जरिए अपना काम निकाल रहे हैं।

