Religious Freedom bill रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र की आज (गुरुवार) 14वीं बैठक होगी। सदन में सरकार की तरफ से आज बहुप्रतिक्षित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पेश किया जाएगा। इस विधेयक को गृह मंत्री विजय शर्मा पेश करेंगे।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक एक धर्मांतरण विरोधी कानून है। इस कानून के लिए जरिये जबरन धर्मांतरण, विवाह के बहाने, प्रलोभन या दबाव पूर्वक धर्म बदलने पर रोक लगाया जाएगा। छत्तीसगढ़ सरकार का दावा है कि यह धर्मांतरण के विरुद्ध देश का सबसे सख्त कानून होगा।
दरअसल, राज्य में धर्मांतरण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं1 विशेष रुप से आदिवासी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग धर्म बदल रहे हैं। आरोप है कि लोगों को जबरन बरगला कर धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। 2023 के विधानसभा चुनाव में यह बड़ा मुद्दा बना था। भाजपा ने सरकार बनने पर इसे रोकने के लिए कानून बनाने की घोषणा की थी।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पर आज ही सदन में चर्चा होने की संभावना है। विधानसभा सचिवालय की तरफ से जारी कार्य सूची के अनुसार इस विधेयक पर चर्चा के लिए डेढ़ घंटे का समय तय किया गया है।
महाराष्ट्र सरकार ने भी धर्मांतरण रोकने के लिए कानून बनाया है। महाराष्ट्र में भी इसी महीने विधानसभा में इस कानून को पारित किया गया है।
विधानसभा में आज प्रश्नकाल में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल सवालों का सामना करेंगे। सदन में इन दोनों मंत्रियों के विभागों से जुड़े प्रश्न पूछे गए हैं।
सदन में आज फोर्टिफाइड चावल में अनियमितता पर चर्चा हो सकती है। विधायक ओंकार साहू ने इस विषय पर ध्यानाकर्षण की सूचना दी है। इसी तरह सुशांत शुक्ला भारत सरकार की ओर से विशेष सहायता योजना (SASCI) द्वारा प्राप्त राशि के व्यय की अनियमितता का मुद्दा उठाएंगे।