Religious Freedom Bill रायपुर। छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण पर लगाम कसने विष्णुदेव साय सरकार कानून लाने जा रही है। सरकार ने इस कानून का प्रारुप तैयार कर लिया है। 23 फरवरी से शुरू हो रहे है विधानसभा के बजट सत्र में इसे पेश किया जाएगा। सरकार सत्र के दौरान ही इसे पारित कराने का प्रयास करेगी।
स्पीकर हाउस में शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बजट सत्र के दौरान सदन में होने वाले कामकाज की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार की तरफ से अब तक दो विधेयक पेश करने की जानकारी दी है। इसमें छत्तीसगढ़ लोक सुरक्षा (उपाय) प्रवर्तन विधेयक 2026 और धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 शामिल है।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 का प्रारुप अभी सामने नहीं आया है, लेकिन बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार ने धर्मांतरण रोकने बेहद सख्त कानून तैयार किया है। इसमें दोषियों पर अर्थदंड के साथ ही सजा का भी प्रावधान किया गया है। इसमें चंगाई सभाओं पर रोक, प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों को कठोर सजा जैसे प्रवधान किए गए हैं। धर्मांतरण के लिए पहले सूचना देना भी अनिवार्य किया गया है।
बता दें कि छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य विधेयक 2026 तैयार करने के लिए प्रदेश के गृह विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई थी। इस समिति ने नौ राज्यों के धर्मांतरण रोकने वाले कानून का अध्ययन करने के बाद छत्तीसगढ़ के लिए प्रारुप तैयार किया है। कानून का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए समिति की करीब 52 से ज्यादा बैठक हुई।
उल्लेखनीय है कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने धर्मांतरण को बड़ा मुद्दा बनाया था। पार्टी ने सरकार बनने पर धर्मांतरण रोकने के लिए कानून लाने का भी वादा किया था। ऐसे में भाजपा के सत्ता में आने के बाद से इस कानून की मांग की जा रही थी।