Reservation in promotion रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र में आज (09 मार्च) को पदोन्नति में आरक्षण के मुद्दें पर सवाल हुआ। भाजपा विधायक प्रबोध मिंज ने इसको लेकर सवाल किया था। इस पर समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने नियमों की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ में तीन प्रतिशत आरक्षण देने का नियम है।
प्रबोध मिंज का सवाल- क्या यह सही है कि दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 34 और छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन अधिकार नियम, 2023 की धारा 27 के अनुसार 2016 से पदोन्नति में न्यूनतम 4 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिव्यांगजन शासकीय सेवकों को दिया जाना है?
मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े का उत्तर- जी नहीं। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 की धारा 34 अनुसार नियुक्ति में 04 प्रतिशत आरक्षण का नियम है। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन अधिकार नियम, 2023 के नियम-27 के अनुसार प्रत्येक सरकारी स्थापन में दिव्यांगजनों के नियोजन के लिए छत्तीसगढ़ शासन, सामान्य प्रशासन विभाग की तरफ से समय-समय पर जारी निर्देश अनुसार आरक्षण रहेग का प्रावधान है।
प्रबोध मिंज का सवाल- वर्ष 2022 से अब तक दिव्यांगजन को पदोन्नति में 4% आरक्षण का लाभ दिए जाने के संबंध में कब-कब, किन-किन के आवदेन विभाग को प्राप्त हुए हैं?
मंत्री का उत्तर- वर्ष 2022 से अब तक समाज कल्याण विभाग अंतर्गत दिव्यांग शासकीय सेवकों के पदोन्नति का कोई भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है।
प्रबोध मिंज के एक प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि दिव्यांगजनों की नौकरी के मामले में समाज कल्याण विभाग नोडल विभाग है। मंत्री ने मिंज से कहा कि पिछली बार आपने दिव्यांगजनों के लिए पदों के चिन्हाकन को लेकर सवाल किया था, इसके बाद पदों का चिन्हांकन कर लिया गया है।
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने भर्ती में चार प्रतिशत आरक्षण का प्रवधान किया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजनों को पदोन्नति में तीन प्रतिशत आरक्षण देने का नियम है। समाज कल्याण विभाग नोडल विभाग है, लेकिन आरक्षण निर्णय सामान्य प्रशासन विभाग करता है।
एक अन्य सवाल के उत्तर में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि पदोन्नति में आरक्षण का लाभ प्रदेश में किसी को नहीं मिला है, क्योंकि एक व्यक्ति को पदोन्नत किया गया था, लेकिन उन्होंने पदोन्नति लेने से मना कर दिया। मिंज ने कहा कि ऐसा नहीं है मेरी जानकारी में ऐसे तीन- चार लोग हैं।
इस पर सभापति धरमलाल कौशिक ने व्यवस्था दी कि मंत्री इस मामले में जांच करा लें और जानकारी विधायक को उपलब्ध करा दें।