Rohit Yadav ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव की प्रेसवार्ता: पांवर कंपनियों के साथ बताई क्रेडा की उपलब्धियां

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2026-02-19 | 10:55h
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Rohit Yadav रायपुर। ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव ने गुरुवार को नवा रायपुर में आयोजित प्रेसवार्ता में ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों की जानकारी दी।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी

वर्तमान में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, एनटीपीसी तथा निजी उत्पादकों को मिला कर 30 हजार 671.7 मेगावाट स्थापित क्षमता है जिसमें 28 हजार 824 मेगावाट ताप विद्युत गृह है। 220 मेगावाट के जल विद्युत गृह है। सोलर, बायो मास आदि 2 हजार 47 मेगावाट क्षमता के बिजलीघर है।

ताप बिजली घरों की कुल क्षमता में छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनीज के बिजलीघरों की क्षमता 2 हजार 840 मेगावाट है, एनटीपीसी व निजी स्वामित्व के बिजलीघरों की क्षमता 20 हजार 299 मेगावाट है। कैप्टिव पॉवर प्लांट की क्षमता 5 हजार 266 मेगावाट है।

भारत सरकार का फोकस अब ताप बिजली घरों पर निर्भरता कम करने पर है। अंतरराष्ट्रीय मापदण्डों के अनुसार कार्बन उत्सर्जन को कम करने की चुनौती भी है।

नेट जीरो कार्बन का लक्ष्य हासिल करने के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा उत्पादन क्षमता विकसित करने की योजना बनाई गई है। जिसके अनुसार भारत को वर्ष 2030 तक अपनी 50 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकता की पूर्ति नवीकरणीय ऊर्जा से करना है।

ताप विद्युत पर निर्भरता समाप्त करने के लिए जल विद्युत परियोजनाओं को गति देना आवश्यक है जो तेजी से बढ़ती मांग और ऊर्जा की मांग एवं आपूर्ति को देखते हुए ग्रिड संतुलन बनाये रखने में मदद करे।

बड़े बांधों के निर्माण की जटिलता का समाधान करते हुए जल विद्युत निर्माण में तेजी लाने के उद्देश्य से पम्प स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजना (परिपक्व तकनीक) को स्थापित करने हेतु राज्य शासन द्वारा प्रदेश में पम्प स्टोरेज आधारित जल विद्युत परियोजनाओं की स्थापना नीति, 2023 प्रभावशील की गई।

इस नीति के लागू होने के उपरांत राज्य की नोडल एजेंसी छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 8 हजार 300 मेगावाट क्षमता के 06 स्थलों का चिन्हांकन कर 05 स्थलों का साध्यता प्रतिवेदन फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की जा चुकी है। डी पी आर बनाने का कार्य प्रगति पर है। साथ ही निजी क्षेत्र में भी लगभग 5 हजार मेगावाट क्षमता के स्व-चिन्हांकित परियोजना स्थलों पर कार्य किया जा रहा है।

राज्य में लगभग 2 हजार मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय विद्युत परियोजनाओं के विकास हेतु एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड एवं राज्य की उत्पादन कंपनी के मध्य संयुक्त उपक्रम कंपनी का गठन किया गया है। इस संयुक्त उपक्रम के माध्यम से अटल बिहारी ताप विद्युत गृह में स्थित जलाशय में 06 मेगावाट के फ्लोटिंग सोलर परियोजना (बैटरी स्टोरेज के साथ), कोरबा पूर्व में स्थित बंद राखड़ बांध पर 32 मेगावाट के सौर परियोजना (बैटरी स्टोरेज के साथ) एवं कोरबा पूर्व में उपलब्ध रिक्त भूमि में 500 मेगावाट-ऑवर बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (4 अवर X 125 मेगावाट) लगाने की परियोजना प्रस्तावित है।

विभिन्न प्रयासों से छत्तीसगढ़ को आने वाले वर्षों में देश की ऊर्जा राजधानी बनाने की बड़ी कार्ययोजना बनाई गई है। जिसके अनुसार छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी, राष्ट्रीय सार्वजनिक उपक्रमों तथा अन्य स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादकों के सहयोग से प्रदेश में 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता के बिजलीघर लगाने हेतु एम.ओ.यू किये गये है तथा इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन का कार्य विभिन्न स्तरों पर प्रचलन में है।

प्रदेश में कुल 32 हजार 100 मेगावाट क्षमता के जो बिजलीघर स्थापित किये जाने है, उनमें ताप विद्युत 12 हजार 100 मेगावाट, न्यूक्लियर संयंत्र – 4 हजार 200 मेगावाट, सौर ऊर्जा फ्लोटिंग के साथ 2 हजार 500 मेगावाट, पंप स्टोरेज परियोजना – 13 हजार 300 मेगावाट) के पारंपरिक (ताप विद्युत) एवं गैर पारंपरिक (न्यूक्लियर, सौर ऊर्जा एवं पम्प स्टोरेज) परियोजनाओं को सम्मिलित करते हुए प्रदेश में लगभग 3.4 लाख करोड़ रूपये का निवेश हेतु समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) निष्पादित किये गए हैं। जिसमें भारत सरकार के उपक्रम मेसर्स एनटीपीसी, सतलज जल विद्युत निगम, टिहरी जल विद्युत निगम, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी के अलावा अदाणी, जिंदल, रिन्यू विद्युत तेज प्राइवेट लिमिटेड आदि संस्थाएं सम्मिलित हैं।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर जनरेशन कंपनी द्वारा 660-660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत उत्पादन इकाईयां कोरबा पश्चिम में स्थापित करने की दिशा में कार्य प्रगति में है। वहीं 800 मेगावाट की एक सुपर क्रिटिकल थर्मल पॉवर स्टेशन इकाई मड़वा में स्थापित करने की पहल की जा रही है। ये दोनों परियोजनाएं भविष्य में राज्य में ताप विद्युत उत्पादन में बड़ी भूमिका अदा करेगी।

इस तरह वर्तमान स्थापित क्षमता को आगामी वर्षों में दोगुना से अधिक करने की दिशा में ठोस कदम उठाये गये है जिसमें ताप विद्युत के अतिरिक्त न्यूक्लियर एनर्जी, पंप स्टोरेज जल विद्युत, सोलर एनर्जी का मिश्रण होगा जो प्रणाली के सुचारू संचालन में मददगार होगा।

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी

छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज की 3 वर्षों की कार्ययोजना –

बस्तर क्षेत्र में ऑफ ग्रिड से विद्युतीकृत 524 ग्रामों का ग्रिड आधारित विद्युतीकरण

150 नये 33/11 के.वी. उपकेन्द्र एवं विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत 11/0.4 के.वी. के 12,000 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाना प्रस्तावित

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