
RSS रायपुर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ अपनी भौगोलिक संरचना में बादलाव करने का बड़ा निर्णय लिया है। जागृति मंडल में बुधवार को आयोजित प्रेसवार्ता में संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ पूर्णेन्दु सक्सेना और प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा ने बताया कि संविधान में बदलाव का यह निर्णय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में लिया गया है। यह बैठक 13 से 15 मार्च तक हरियाणा के पानीपत में आयोजित किया गया था। उन्होंने बताया कि नई भौगोलिक व्यवस्था में वर्तमान प्रांतीय व्यवस्था के स्थान पर देश में नौ क्षेत्र और 85 संभाग बनाए जाएंगे। नई व्यवस्था मार्च 2027 से लागू होगी।
हर हिंदू को जोड़ने का लक्ष्य
प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा ने बताया कि यह बदलाव भारत में रहने वाले हर हिंदू को जोड़ने के लक्ष्य की प्राप्ति के लिए किया गया है। इसके लिए कार्यों का विकेंद्रीकरण कर संघ केा हर गांव और हर व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि इसके लिए देशभर में गृह संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। युवाओं के लिए अलग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। देशभर में सामाजिक और धार्मिक नेतृत्व में सामंज्य और परस्पर सहयोग, दुर्बल समूहों के अभाव के निराकरण के उद्देश्य से सामाजिक सद्भाव बैठकों का आयोजन खंड और नगर स्तर पर किया जा रहा है।
संविधान में बदलाव का छत्तीसगढ़ में असर
संघ की नई भौगोलिक व्यवस्था में छत्तीसगढ़ प्रांत के स्थान पर दो संभाग बनाया जा रहा है। इसमें एक रायपुर और दूसरा बिलासपुर संभाग होगा।
बस्तर में भी गृह संपर्क अभियान
उन्होंने बताया कि बस्तर में गृह संपर्क अभियान का अच्छे ढंग से आयोजन किया गया। इनमें जनजातीय बंधु भी परिवार सहित शामिल हुए। उन्होंने बताया कि बस्तर में सभी एक मंच पर आ रहे हैं, सभी में पंच परिवर्तन का भाव दिख रहा है।
छत्तीसगढ़ में अभी संघ की 2188 शाखा
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रांत में 34 जिलों 1643 स्थानों में 2,188 शाखा लग रही हैं। इनमें विद्यार्थी संयुक्त शाखा 1,246, महाविद्यालयीन (केवल तरुण) 124, तरुण व्यावसायी शाखा 482, प्रौढ़ व्यावसायी शाखा 192, बाल शाखा 144 हैं। प्रांत में 833 साप्ताहिक मिलन लग रहे हैं।
बड़े आयु के स्वयंसेवकों के मिलन की संख्या 155 है। संघ मंडली की संख्या 632 है। प्रांत में शाखा युक्त सेवा बस्तियों की संख्या 193 है।
वहीं शाखायुक्त मंडल की संख्या 1053 है। शाखायुक्त नगर (अन्य) की संख्या 55 वहीं न्यूनतम 2 शाखा हैं ऐसे नगर की संख्या भी 55 है।
रायपुर महानगर को 14 नगरों में बांटा गया है, जिसमें कुल 131 बस्ती हैं, जिनमें 204 शाखा लग रही हैं। प्रांत में 84 प्रांरभिक वर्ग में 3,890 स्वयंसेवकों ने सहभागिता की। प्रांत में न्यूतनम 5 शाखा अवश्य हैं, ऐसे जिला केंद्रों की संख्या 26 हो चुकी है।
राज्य के 30 लाख घरों तक पहुंचे कार्यकर्ता
छत्तीसगढ़ प्रांत में ग्रामीण क्षेत्र में 1560 मंडलों में तथा नगरीय क्षेत्र में 666 बस्ती में 19429 टोलियोंके द्वारा 61,686 कार्यकर्ताओं ने 30,55, 557 घरों में गृह संपर्क किया गया। गृह संपर्क में नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में संघ की सौ वर्ष की यात्रा और समाज परिवर्तन में अपनी भूमिका से संबंधित पत्रक और पुस्तक तथा ग्रामीण क्षेत्रों में भारत माता के चित्र और पत्रक का वितरण भी किया।
राज्य में 2034 हिंदू सम्मेलन
छत्तीसगढ़ प्रांत में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन 1424 मंडल 13106 गांव तथा नगरीय क्षेत्र में 610 बस्तियों में कुल 2034 हिन्दू सम्मेलन कार्यक्रम आयोजित हुए। इनमेंसहभागी संख्या पुरुष 400020 तथा मातृशक्ति 503976 रही। इस तरह 9,03,996 लोगों की उपस्थिति इन कार्यक्रमों में रही। हिंदू सम्मेलनों से पूर्व प्रभात फेरियां, मातृशक्ति की बैठकें, सुंदर कांड आदि के आयोजन भी संपन्न हुए।




