Sai Foreign Trip रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय 10 दिवसीय विदेश यात्रा पर हैं। यात्रा के पहले चरण में मुख्यंमत्री विष्णुदेव साय जापान की राजधानी टोक्यो पहुंचे हैं। विष्णुदेव की जापान यात्रा का आज (रविवार) को तीसरा दिन है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव की आज वहां बस्तरिया युवक से मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री वहां लिटिल इंडिया भी गए और बुलट ट्रेन की यात्रा की है।
टोक्यों में आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अविनाश तिवारी से मुलाकात की। अविनाश तोकापाल (बस्तर) क्षेत्र के रहने वाले हैं। अविनाश जापान की एक बड़ी कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में शामिल हैं। अविनाश के साथ मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं पर बात की।
बस्तर के तोकापल क्षेत्र के रहने वाले अविनाश तिवारी जापान की बड़ी कंपनी बॉयस एंड मूर्स इंटरनेशनल कंपनी के बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स में शामिल हैं। बस्तर के एक युवक के वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने को मुख्यमंत्री ने गर्व का विषय बताया। अविनाश तिवारी दंतेवाड़ा के बारसूर स्थित नवोदय विद्यालय से पढ़ें हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय टोक्यो स्थित लिटिल इंडिया गए, जहां उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने इसे भाजपा और जापान की मैत्री और सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रतिक बताया। मुख्यमंत्री के साथ गए प्रतिनिधिमंडल ने भी गांध की प्रतिमा पर पर पुष्पांजलि अपर्ति की। मुख्यमंत्री के राज्य के मुख्य सचिव अमिताभ जैन, मुख्य सचिव सुबोध कुमार सिंह समेत अन्य अफसर गए हैं।
जापान की राजधानी टोक्यों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बुलेट ट्रेन की यात्रा की। मुख्यमंत्री ने बुलेट ट्रेन की अपनी इस यात्रा का वीडियो भी सोशल मीडिया में पोस्ट किया है।
इस पोस्ट में मुख्यमंत्री ने लिाख है कि विश्व भर में हाई-स्पीड रेल के क्षेत्र में अग्रणी, जापान की प्रतिष्ठित बुलेट ट्रेन से टोक्यो से ओसाका तक की यात्रा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत भी बुलेट ट्रेन परियोजना पर कार्य कर रहा है। इसके साथ ही वंदे भारत ट्रेन देश की प्रगति और आधुनिक भारत की नई पहचान बन चुकी हैं।
Travelled from Tokyo to Osaka on Japan’s iconic bullet train, a pioneer in high-speed rail for the world.
Under the leadership of Hon’ble PM Shri @narendramodi ji, India too is working on its own bullet train project, while the Vande Bharat trains already embody a similar spirit… pic.twitter.com/h79augdDBm