
Sai Foreign Trip रायपुर। Chhattisgarh के मुख्यमंत्री विष्णुदेव जापान के दौरे पर हैं। शनिवार को जापान दौरे का दूसरा दिन था। आज उन्होंने वहां निवेशकों से मुलाकात के साथ ही प्रदर्शनी का आवलोकन किया।
एक्सटर्नल ट्रेड आर्गनाइजेशन के प्रतिनिधियों से भेंट
Chief Minister विष्णुदेव ने शनिवार को जापान (Japan) की राजधानी टोक्यो (Tokyo) में Japan External Trade Organization जापान एक्सटर्नल ट्रेड आर्गनाइजेशन (JETRO)के वरिष्ठ प्रतिनिधियों नाकाजो काजुया (Nakajo Kazuya), एंडो युजी और हारा हारुनोबू (Hara Harunobu) से मुलाकात की। इस दौरान निवेश और औद्योगिक सहयोग के संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में आईटी (IT), टेक्सटाइल्स (textiles), एयरोस्पेस (aerospace), ऑटोमोबाइल (automobiles), इलेक्ट्रॉनिक्स (electronics) और स्वच्छ ऊर्जा (clean energy) जैसे क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया गया। विष्णुदेव ने JETRO के प्रतिनिधियों को प्रदेश की तेजी से प्रगति कर रही अर्थव्यवस्था में निवेश के नए अवसर तलाशने के लिए आमंत्रित किया।
Sai Foreign Trip आर्थिक सहयोग की नई संभावना
Chief Minister विष्णुदेव ने कहा कि Chhattisgarh, भारत के हृदय स्थल में स्थित एक उभरता हुआ औद्योगिक और निवेश गंतव्य है। राज्य सरकार पारदर्शी नीतियों, सुगम प्रक्रियाओं और मजबूत औद्योगिक आधारभूत संरचना (industrial infrastructure) के माध्यम से वैश्विक निवेशकों को आकर्षित कर रही है। JETRO प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा से छत्तीसगढ़ और जापान के बीच आर्थिक सहयोग की नई संभावनाओं को बल मिलेगा।
आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन
Chief Minister साय ने अपने प्रवास के दौरान राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस (National Space Day) के अवसर पर आयोजित प्रदर्शनी (Deep Space) का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान (space science) और नवाचारों (innovations) की यह समृद्ध झलक, आने वाले समय में Chhattisgarh के राजनांदगांव जिले में भारत सरकार के सहयोग से विकसित किए जा रहे स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर Space Manufacturing Cluster को नई दिशा और प्रेरणा देगी।
Chief Minister साय ने विश्वास व्यक्त किया कि जापान प्रवास से छत्तीसगढ़ को निवेश, नवाचार और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के क्षेत्र में ठोस परिणाम प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि Chhattisgarh सरकार का लक्ष्य प्रदेश को न केवल औद्योगिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है बल्कि उसे अंतररष्ट्र सहयोग के माध्यम से विश्व पटल पर एक सशक्त पहचान दिलाना भी है।




