
Samadhan Yojana रायपुर। छत्तीसगढ़ की बिजली वितरण कंपनी ने अपने बकायादारों के लिए समाधान योजना शुरू की है। यह योजना 12 मार्च से शुरू की गई है और 30 जून तक चलेगी।
राजधानी के पंडित जवाहर लाल नेहरु स्मृत चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस योजना का शुभारंभ किया।
ऊर्जा सचिव ने योजना की दी विस्तार से जानकारी
छत्तीसगढ़ के ऊर्जा सचिव और बिजली कंपनियों के अध्यक्ष डॉ. रोहित यादव ने कार्यक्रम के दौरान योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनी के लिए बिजली उपभोक्ता और उनका हित सर्वोपरि है।
उपभोक्ता हैं इसलिए कंपनी है
ऊर्जा सचिव आईएएस डॉ. रोहित यादव ने कहा कि जो हमारे बिजली के उपभोक्ता हैं नि:संदेह ही न केवल बिजली विभाग और बिजली कंपनी के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि हमारे उपभोक्ताओं के चारो ओर ही हमारी कंपनी का अस्तित्व है। क्योंकि हमारे उपभोक्ता हैं इसलिए हमारी कंपनी है।
बेहतर सेवा देने का प्रयास
डॉ. रोहित यादव ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा लगातार प्रयास रहता है कि उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं दे सकें। साथ ही साथ हमारी कंपनी की यह म्हत्वपूर्ण जिम्मेदारी है कि हम अपने उपभोक्ताओं के हितों का लगातार संरक्षण भी कर सकें।
इस वजह से शुरू की गई समाधान योजना
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में देखा गया है कि हमारे कुछ उपभोक्ता आर्थिक दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। ऐसा देखा गया कि करोना काल के दौरान कई परिवारों के सामने समस्या आई। वो लोग बिजली का बिल समय पर जमा नहीं कर पाए और धीरे-धीरे बिल बढ़ कर काफी बड़ा हो गया है।
इस वजह से बढ़ गया बिजली बिल
आईएएस डॉ. रोहित यादव ने कहा कि बिल ज्यादा आने का एक कारण यह भी रहा कि उस समय मीटर रीडिंग भी नियमित नहीं हो पाया। इसकी वजह से एक साथ बिल ज्यादा आ गया। ऐसे में एक सामान्य परिवार के लिए उस बिल का भुगतान कर पाना मुश्किल हो गया। समय पर बिजली बिल नहीं जमा होने के कारण उस पर अधिभार भी बढ़ गया।
यह हो रहा है उपभोक्ताओं को नुकसान
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ऊर्जा योजना के तहत 400 यूनिट तक की बिल पर 200 यूनिट आधा बिल माफ होता है। सरकार इस पर 950 करोड़ की सब्सिडी देती है, लेकिन बिल बकाया होने के कारण बड़ी संख्या में उपभोक्ता इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे। इसी वजह से मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना शुरू किया जा रहा है।
योजना को कहा जाएगा एमबीबीएस
मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना को शार्ट में एमबीबीएस कहा जाएगा। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऊर्जा सचिव ने मुख्यमंत्री से योजना को एमबीबीएस कहने की अनुमती मांगी।
29 लाख उपभोक्ताओं पर 1567 करोड़ बकाया
इस योजना में करीब 29 लाख उपभोक्ता लाभांवित होगें। इस पर 1567 करोड़ रुपए बकाया है। इसमें बाड़ी राशि अधिभार का भी है। इसमें अब यह निर्णय लिया गया है कि जो अधिभार की राशि है, वह शतप्रतिशत माफ कर दिया जाएगा। इसके साथ ही मूल धन पर भी 5 से 10 प्रतिशत तक छूट दी जाएगी।
760 करोड़ माफ
उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर 760 करोड़ रुपए माफ किया जा रहा है। यह बहुत बड़ी राशि है, इतनी बड़ी राशि इससे पहले कभी माफ नहीं की गई है। शेष राशि को वसूलने के लिए यह योजना लाई जा रही है।
ऐसे ले सकते हैं लाभ
उर्जा सचिव ने बताया कि योजना आज 12 मार्च से शुरू की गई है। योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले पंजीयन करना होगा।
ऐसे करा सकते हैं पजीयन
पंजीयन के लिए विभाग की वेबसाइट या मोर बिजली एप पर जाकर पंजीयन करा सकते हैं। इसके साथ ही नजदीकी बिजली कार्यालय में भी जाकर पंजीयन करा सकते हैं।
बिजली कंपनी के सभी कार्यालयों में हेल्प डेस्क की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही शिविरों का अभी आयोजन किया जाएगा।
बकाया को किस्तों में देने की छूट
अधिभार माफी और बिल में छूट के बाद बची हुई राशि को किस्तों में भुगतान की भी सुविधा दी जाएगी। इसमें बीपीएल के उपभोक्ताओं को 20 हजार रुपए के बकाया पर 40 किस्त में भुगतान की सुविधा दी जा सकती है।
20 हजार से एक लाख तक की राशि का 50 किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जाएगी।
सक्रिय उपभोक्ता जो पूरा बकाया एक बार में जमा करेंगे उन्हें 10 प्रतिशत और छह किस्त तक के लिए 5 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।







