
Samvida Karmi रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने संविदा कर्मियों को बड़ी राहत दी है। सरकार ने संविदा कर्मियों को सेवा मुक्त करने को लेकर एक बड़ा आदेश जारी किया है। यह आदेश हाईकोर्ट के निर्देश के बाद जारी किया गया है।
संविदा कर्मियों को सेवा मुक्त करने का मौजूदा नियम
राज्य में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम, 2012 प्रभावशील है। इस नियम के नियम 11(5) में संविदा नियुक्ति की अवधि में दोनों पक्षों में से किसी एक पक्ष की तरफ से एक माह की पूर्व सूचना या इसके एवज में एक माह का वेतन देकर संविदा नियुक्ति समाप्त किए जाने का प्रावधान किया गया है।
सेवा से बाहर किए जाने पर अपील का नियम नहीं
सामान्य प्रशासन विभाग से जारी इस आदेश में बताया गया है कि वर्तमान में संविदा पर नियुक्त कर्मियों को सेवा से पृथक किए जाने पर किसी प्रकार का अपील/अभ्यावेदन प्रस्तुत करने का प्रावधान नियमों में नहीं किया गया है।
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हाईकोर्ट ने दिया निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार उच्च न्यायालय बिलासपुर ने एक याचिका की सुनवाई के दौरान सेवा से बाहर किए जाने वाले संविदा कर्मियों को सुनवाई (अपील) का मौका देने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने याचिका क्रमांक WPS No. 11323/2025 की सुनवाई के बाद 09 अक्टूबर को 2025 एक आदेश जारी किया है।
अब 60 दिन के भीतर कर सकेंगे अपील
सामान्य प्रशासन विभाग के अनुसार हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए सरकार ने यह निर्णय लिया गया है कि विभागीय सेटअप में संविदा के रूप में स्वीकृत पदों पर कार्यरत संविदा कर्मी (जैसे MGNAREGA अंतर्गत संविदा कर्मी)
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को यदि किसी दशा में सेवा से पृथक किया जाता है, तो संबंधित सेवामुक्त संविदा कर्मी, संबंधित विभाग के विभागाध्यक्ष के समक्ष 60 दिवस के भीतर अभ्यावेदन प्रस्तुत कर सकता है, जिस पर संबंधित विभागाध्यक्ष युक्तियुक्त सुनवाई पश्चात् उचित आदेश पारित कर, प्रकरण निराकृत कर सकेंगे।





