Sharab Ghotala रायपुर। राजधानी रायपुर स्थित प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में सोमवार को अचानक प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम पहुंची। ईडी की टीम के कांग्रेस मुख्यालय पहुंचने की सूचना मिलते ही पार्टी नेताओं के साथ मीडिया कर्मी भी वहां पहुंच गए। ईडी की टीम करीब 10 मिनट बाद वहां से लौट गई।
कांग्रेस मुख्यालय पहुंची ईडी की टीम ने वहां पार्टी के संगठन महामंत्री मलकीत सिंह से मुलाकात की। संगठन महामंत्री के कमरे में 10 मिनट रुकने के बाद ईडी की टीम वापस लौट गई।
ईडी की टीम के अचानक कांग्रेस मुख्यालय पहुंचने की वजह संगठन महामंत्री मलकीत सिंह ने बताई। उन्होंने बताया कि ईडी की टीम शराब घोटाला की चालान की कॉपी देने आई थी।
दरअसल, मामला सुकमा जिला कांग्रेस कार्यालय अटैच किए जाने से जुड़ा है। ईडी ने सुकमा राजीव भवन को अटैच कर रखा है। कांग्रेस ने ईडी की इस कार्यवाही को दिल्ली स्थित ट्रिब्यूनल में चुनौती दी है।
कांग्रेस के प्रदेश संगठन महामंत्री मलकीत सिंह ने बताया कि 2 सितंबर को ट्रिब्यूनल में जवाब पेश करना था, लेकिन केस में संबंधित कोई दस्तावेज नहीं होने के कारण हम जवाब पेश नहीं कर पाए। इसी वजह से ईडी मामले की चालान की कॉपी देने कांग्रेस कार्यालय आई थी।
मलकीत सिंह ने कहा कि चालान की कॉपी मिल गई है अब सुकमा राजीव भवन को लेकर ईडी की तरफ से उठाए जा रहे हर सवाल का अब जवाब दिया जाएगा। बता दें कि ईडी ने सुकमा में राजीव भवन का निर्माण शराब घोटाला के पैसे से किए जाने का आरोप लगाते हुए अटैच कर रखा है।
ईडी की रिपोर्ट के अनुसार सुकमा का राजीव भवन 68 लाख रुपए में बना है। यह भवन तत्कालीन आबकारी मंत्री और शराब घोटाला के अभियुक्तों में शामिल कवासी लखमा ने अपने पैसे से कराया था। लखमा ने शराब घोटाला से मिले पैसे से यह निर्माण कराया था।
ईडी का आरोप है कि छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला में तत्कालीन आबकारी मंत्री कवासी लखमा को हर महीने दो करोड़ रुपए मिलता था। 36 महीने में उन्हें करीब 72 करोड़ रुपए मिला था।