Sharab Ghotala रायपुर। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हुए कथित शराब घोटाला का मामला बुधवार को सदन में उठा। भाजपा के एक विधायक की तरफ से इस मामले में की गई टिप्पणी से भड़के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आबकारी मंत्री से रिकवरी को लेकर सवाल कर दिया। इस पर संदन में आरोप- प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया।
मामला प्रश्नकाल के दौरान है। भाजपा की शकुंतला सिंह पोर्ते ने प्रतापपुर विधानसभा क्षेत्र में अवैध शराब बनाने और मिलावट को लेकर सवाल किया था। इस पर आबकारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने उत्तर दे रहे थे।
शकुंतला ने पूछा कि अवैध शराब रोकने के लिए क्या करेंगे, इस पर कांग्रेस के रामकुमार यादव ने कटाक्ष किया, कहा- और भट्ठी खुलाव देगें। इस पर शकुंतला पोर्ते ने कहा कि आप लोग न बोलें, दो हजार करोड़ का घोटाला हुआ था शराब का।
हम लोगों को शराब में बोलने का अधिकार नहीं है, आप लोग चुप रहें। मंत्री के उत्तर के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खड़े हुए उन्होंने कहा कि आपने दो हजार करोड़ का घोटाला कहा, किसी में 3400 करोड़ किसी में 4 हजार करोड़ हो गया, वो आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है पता नहीं कितने तक जाएगा।
भूपेश बघेल ने मंत्री लखनलाल देवांगन से पूछा कि पिछली सरकार में जो शराब घोटाला हुआ है उसकी जांच चल रही है उसमें रिकवरी कितने लोगों को नोटिस दिए हैं और उसमें क्या कार्यवाही किए हैं।
इस पर मंत्री ने कहा कि यह प्रकरण ईडी न्यायालय में चल रहा है। फिर पूर्व मुख्यमंत्री ने उन्हें टोकते हुए कहा कि नोटिस देने का अधिकार आपको है, आपको रिकवरी करने का अधिकार है। बताईए कितने को नोटिस दिए , कितने का रिवकरी हुआ यदि नहीं किए हैं तो क्यों नहीं किए।
इस पर भाजपा के सुशांत शुक्ला ने नियम का हवाला देते हुए कहा कि कोर्ट में मामला में लंबित है उस विषय की बात नहीं कर सकते हैं। इस पर कांग्रेस के सदस्यों ने आपत्ति की, कहा कि आप मंत्री नहीं हैं मंत्री जवाब दे रहे हैं। इसके बाद सदन में दोनों तरफ से शोर होने लगा।
मंत्री ने बताया कि 22 अधिकारियों को निलंबित किया गया है। बाकी प्रकरण न्यायालय में लंबित है। इस पर भूपेश बघेल ने रिकवरी को लेकर सवाल किया।
सभापति धरमलाल कौशिक ने हस्तक्षेप किया, प्रश्न कहा कि शकुंतला पोर्ते के प्रश्न से यह सवाल उद्भूत नहीं होता है। इस पर भूपेश बघेल ने कहा कि तो किसी भी सदस्य को बिना तथ्य के इस तरह की बात नहीं करनी चाहिए, इस प्रकार से मुंह उठा के बात नहीं करना चाहिए।