Sharab Ghotala रायपुर। छत्तीसगढ़ में हुए कथित शराब घोटाला Sharab Ghotala के मामले में गिरफ्तार तत्काली आबकारी आयुक्त और सेवानिवृत्त आईएएस IAS निरंजन दास को आज कोर्ट Court में पेश किया गया। दास को रायपुर स्थित ईओडब्ल्यू EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें रिमांड remand पर ईओडब्ल्यू को सौंप दिया गया है।
ईओडब्ल्यू ने निरंजन दास Niranjan Das को शुक्रवार को रायपुर की विशेष कोर्ट में पेश किया। ईओडब्ल्यू EOW ने पूछताछ के लिए निरंजन दास के रिमांड की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। कोर्ट ने निरंजन दास की सात दिन की रिमांड मंजूर की है। निरंजन दास को अब 25 सितंबर को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
बता दें कि राज्य में हुए कथित शराब घोटाला Liquor scam के दौरान आबकारी आयुक्त रहे निरंदन दास को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था। सेवानिवृत्त आईएएस Retired IAS निरंजन दास कांग्रेस सरकार के दौरान आबकारी आयुक्त थे। निरंजन दास पर सिंडिकेट ऑपरेट करने में अहम रोल निभाने का आरोप है।
सूत्रों के अनुसार ईओडब्ल्यू की जांच में यह बात सामने सामने आई है कि कथित घोटाले से उन्हें हर महीने 50 लाख मिलते थे। ईओडब्ल्यू EOW के अनुसार सिंडिकेट Syndicate ने सरकारी शराब दुकानों में कमीशन Commission तय करने, Distilleries डिस्टलरियों से अतिरिक्त शराब बनवाने, विदेशी ब्रांड की अवैध सप्लाई illegal supply कराने और डुप्लीकेट होलोग्राम Duplicate Hologram के जरिए शराब बेचने जैसी गतिविधियों से राज्य सरकार को हजारों करोड़ का नुकसान पहुंचाया गया।
ईओडब्ल्यू की तरफ से कोर्ट में पेश किए गए चार्जशीट Chargesheet के अनुसार नोएडा Noida की प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी Prism Holography Security फिल्म्स को होलोग्राम का टेंडर Tender दिलाने में निरंजन दास की अहम भूमिका रही। कंपनी अयोग्य होने के बावजूद शर्तें बदली गईं और उसे काम दिया गया। इसके बाद डुप्लीकेट होलोग्राम Duplicate Hologram बनाकर अवैध शराब की बिक्री को वैध ठहराया गया।
EOW की रिपोर्ट के अनुसार सिंडिकेट ने प्रति होलोग्राम Hologram आठ पैसे का कमीशन तय किया था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि निरंजन दास और सिंडिकेट ने झारखंड की आबकारी नीति बदलवाने की भी साजिश रची। जनवरी 2022 में ढेबर और त्रिपाठी के साथ झारखंड अधिकारियों के साथ बैठक कर छत्तीसगढ़ मॉडल लागू कराया।
निरंजन दास 2023 में सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद फरवरी 2023 में उन्हें संविदा नियुक्ति दी गई और आबकारी आयुक्त Excise Commissioner बनाया गया था। निरंजन दास की अग्रिम जमानत याचिकाएं कई बार खारिज हुईं। ईओडब्ल्यू अब उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में घोटाले की कई परतें और खुलेंगी।