Sharab Ghotala रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्वतर्वी कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित शराब घोटाला की परते खुल रही हैं। मामले की जांच कर रही केंद्रीय एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीते सोमवार को एक चार्जशीट दाखिल किया। इसमें ईडी ने कई बड़े खुलासे किए हैं। यह चार्जशीट छत्तीसगढ़ के तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल के खिलाफ दाखिल किया गया है।
चैतन्य बघेल प्रवर्तन निदेशालय (CM) की गिरफ्त में हैं। ईडी ने उन्हें 18 जुलाई को गिरफ्तार किया था। इस दौरान ईडी ने दो बार 5-5 दिन की रिमांड लेकर चैतन्य से पूछताछ की। चैतन्य अभी जेल में है। चैतन्य के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में ईडी ने Big Boss व्हाट्सएप ग्रुप WhatsApp Group का खुलासा किया है। इस ग्रुप में चैतन्य बघेल, पुष्पक, सौम्या और दीपेंद्र सहित अन्य लोगों की जानकारी है।
WhatsApp Group में शराब घोटाले से जुड़ी चर्चा और पैसों के लेन-देन की बातें हैं। ED ने अपनी चार्जशीट में खुलासा किया है कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल की डिप्टी सेक्रेटरी deputy secretary रही सौम्या चौरसिया Soumya Chaurasia शराब सिंडिकेट Syndicate के लोगों से बातचीत के दौरान IAS अफसरों के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करती थी, उन्हें गाली देती थी।
इसके साथ ही उन्होंने कई बार सिंडिकेट Syndicate के कुछ सदस्यों को हिसाब किताब की जानकारी नहीं देने की बात भी लिखी है। चैट Chat में इस बात का भी जिक्र है कि चैतन्य के लिए पप्पू बंसल, सौम्या के लिए दीपेंद्र कूरियर बॉय courier boy का काम करता था, ये उन्हें पैसे पहुंचाते थे, जिसे वह डिलीवर deliver कहकर बात करते थे।
ईडी ने अपने चार्जशीट में बताया है कि दुर्ग-भिलाई के शराब कारोबारी और भूपेश बघेल Bhupesh Baghel के करीबी माने जाने वाले लक्ष्मी नारायण उर्फ पप्पू बंसल Pappu Bansal ने पूछताछ में बड़ा खुलासा किया था। उन्होंने माना कि उन्होंने और चैतन्य Chaitanya Baghel ने मिलकर 1000 करोड़ रुपए से ज्यादा कैश को मैनेज किया।
ईडी के अनुसार बंसल ने बताया कि यह रकम अनवर ढेबर Anwar Dhebar से दीपेंद्र चावड़ा और फिर कांग्रेस नेताओं रामगोपाल अग्रवाल Ramgopal Agarwal और केके श्रीवास्तव तक पहुंचाई जाती थी। बंसल ने यह भी स्वीकार किया कि तीन महीने की अवधि में ही उन्हें 136 करोड़ रुपए मिले।
प्रवर्तन निदेशालय ने चार्जशीट में आरोप लगाया कि चैतन्य ने अपने विठ्ठल ग्रीन प्रोजेक्ट Vitthal Green Project और बघेल डेवलपर्स एंड एसोसिएट्स Baghel Developers & Associates में शराब घोटाले Alcohol scams की रकम निवेश की। असल खर्च 13-15 करोड़ रुपए था, लेकिन दस्तावेजों में मात्र 7.14 करोड़ दिखाया गया।
वहीं डिजिटल डिवाइस digital devices की जांच से पता चला कि एक ठेकेदार को 4.2 करोड़ रुपए कैश Cash में भुगतान किया गया, जिसका हिसाब रिकॉर्ड Record में नहीं था। इसी प्रोजेक्ट में त्रिलोक सिंह ढिल्लों Trilok Singh Dhillon ने 19 फ्लैट खरीदे, लेकिन भुगतान खुद किया। श्वष्ठ के मुताबिक यह सब ब्लैक मनी को सफेद दिखाने के लिए किया गया।
श्वष्ठ ने जब अनवर ढेबर, अनिल टुटेजा और सौम्या चौरसिया के मोबाइल Chats की जांच की तो चौंकाने वाले चैट्स Chats मिले। अनवर के मोबाइल में चैतन्य का नंबर Bittu नाम से सेव था। इसमें पैसों की डीलिंग और नकली होलोग्राम Fake holograms बनाने तक की चर्चा थी।
कारोबारी अनवर ढेबर ने सिंडिकेट बनाने के लिए फरवरी 2019 में जेल रोड स्थित होटल वेनिंगटन Hotel Wennington में प्रदेश के 3 डिस्टलरी मालिकों Distillery owners को बुलाया।
इस मीटिंग में छत्तीसगढ़ डिस्टलरी Chhattisgarh Distillery से नवीन केडिया Naveen Kedia, भाटिया वाइंस प्राइवेट लिमिटेड Bhatia Wines Pvt Ltd joined से भूपेंदर पाल सिंह Bhupender Pal Singh भाटिया और प्रिंस भाटिया शामिल हुए।
साथ ही वेलकम डिस्टलरी Welcome Distillery से राजेंद्र जायसवाल उर्फ चुन्नू जायसवाल के साथ हीरालाल जायसवाल और नवीन केडिया के संपर्क अधिकारी संजय फतेहपुरिया Sanjay Fatehpuriya पहुंचे। इस बैठक में एपी त्रिपाठी और अरविंद सिंह भी मौजूद थे।