
Silver Price रायपुर। अंतरराष्ट्रीय बाजार के प्रभाव से बीते एक साल में चांदी की कीमतों में 130 फीसद से ज्यादा उछाल आई है। बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर चांदी की आपूर्ति इन दिनों कम हो रही है,इसके साथ ही कुछ देशों द्वारा जमाखोरी करने और भविष्य में निर्यात पर नियंत्रण की आशंकाओं ने बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। बाजार के जानकार बता रहे है कि अगर यही रुझान बना रहा और औद्योगिक मांग के साथ आपूर्ति में कमी जारी रही तो वर्ष 2026 में 2026 में चांदी 2.50 लाख तक के स्तर को भी पार कर सकती है।
सोना-चांदी ने किया मालामाल
इन दिनों रुपये में कमजोरी के साथ ही शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और वैश्विक अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि इसके विपरीत सोना-चांदी ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। वर्ष 2025 में 18 दिसंबर तक की स्थिति में 24 कैरेट सोना प्रति 10 ग्राम 1 लाख 36 हजार रुपये के स्तर को पार कर गया है, वहीं चांदी दो लाख सात हजार रुपए प्रति किलो से भी आगे निकल गई है। इस वर्ष जनवरी में 89 हजार रुपए प्रति किलो बिकने वाली चांदी अब 207300 रुपए प्रति किलो पहुंच गई है। एक वर्ष में चांदी में 130 फीसद से ज्यादा उछाल आया है।
इन कारणों से आ रही तेजी
चांदी की कीमतों में आ रही इस एतिहासिक तेजी के पीछे बहुत से कारण है। इसमें सबसे बड़ा कारण इसका तेजी से बढ़ता औद्योगिक और तकनीकी उपयोग है। सोलर पैनल, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, मोबाइल फोन, लैपटॉप, सेमीकंडक्टर, 5जी नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में चांदी एक अहम कच्चा माल बन चुकी है। इसके साथ ही मेडिकल उपकरणों में भी मांग लगातार बढ़ रही है। वहीं दूसरी ओर वैश्विक स्तर पर चांदी की आपूर्ति कम हो रही है।
निवेश के लिए चांदी भी विकल्प
दोनों कीमती धातुओं में आ रही इस तेजी के चलते अब सोने के साथ-साथ चांदी को सुरक्षित विकल्प मानने लगे हैं। इसका असर ही यह देखने को मिल रहा है कि सिल्वर ईटीएफ और फिजिकल सिल्वर (सिक्के, बार) में निवेश तेजी से बढ़ रहा है।
बाजार विशेषज्ञ बसंत दौलतानी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार International market की इस स्थिति को देखते हुए निवेशकों को भी समझदारी से काम लेना चाहिए। निवेशकों को चाहिए कि वे एकमुश्त निवेश Lump-sum investment की बजाय मासिक SIP एसआईपी के जरिए या फिजिकल चांदी में धीरे-धीरे निवेश करें, ताकि जोखिम भी संतुलित रहे और लंबे समय में Better returns बेहतर रिटर्न मिल सके।




