Smart Electricity Meter भोपाल। बिजली कंपनियों के सबसे बड़े बकायादारों की सूची निकाली जाए तो उसमें सरकारी विभागों का नाम टॉप पर मिलेगा। राजधानी से लेकर ब्लॉक स्तर तक के सरकारी कार्यालयों पर बिजली बिल बकाया है। नगरीय निकायों की स्थिति सबसे ज्यादा खबरा है, लेकिन अब हालात बदलने वाले हैं, क्योंकि अब सरकारी कार्यालयों में भी प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे।
बिजली कंपनी के अफसरों के अनुसार अब मंत्रालय वल्लभ भवन, सतपुड़ा भवन और विंध्याचल भवन समेत सभी सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड मीटर लगाए जाएंगे। राजधानी के प्रदेश स्तरीय कार्यालयों से लेकर तहसील तक नए मीटर लगाए जाएंगे।
बिजली अफसरों के अनुसार प्रदेश के सरकारी कार्यालयों में अब तक 45 हजार 191 प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 18 हजार 177 में प्रीपेड बिलिंग लागू कर दी गई है। यानी बिना रिचार्ज के इन 18 हजार से ज्यादा कार्यालयों में बिजली नहीं चलेगी।
अफसरों ने बताया कि सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड स्मार्ट मीटर की स्थापना विद्युत मंत्रालय के निर्देश पर किया जा रहा है। केंद्र सरकार के निर्देश पर आरडीएसएस के तहत सरकारी कार्यालयों में प्रीपेड मीटर की स्थापना की जा रही है।
मध्य प्रदेश ही नहीं देश के सभी राज्यों में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। अफसरों के अनुसार केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं के साथ ही सभी शासकीय कार्यालयों में भी प्रीपेड मीटर लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए समय सीमा भी तय कर दी गई।
अफसरों के अनुसार सरकारी कार्यालयों में बिजली की प्रीपेड व्यवस्था लागू होने से देशभर की बिजली वितरण कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें सरकारी विभागों से बिल का तगादा नहीं करना पड़ेगा। प्रीपेड सिस्टम लागू होने के साथ जैसे आम उपभोक्ता रिचार्ज करके बिजली का उपयोग करेगा, वैसे ही सरकारी कार्यालय भी करेंगे।