Smart Meter रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली के स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेजी से चल रहा है। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी के मामले में भी सामने आने लगे हैं। स्मार्ट मीटर से जिस तरीके से बिजली चोरी की जा रही है, उससे गैंग सक्रिय होने की आशंका व्यक्त की जा रही है।
स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी के आरोप में पकड़े गए मोहम्मद आवेश ने बिजली कंपनी के अफसरों को अपना लिखित बयान दिया है। उनके यहां स्मार्ट मीटर लगने के बाद एक व्यक्ति आया।
स्मार्ट मीटर देखने के बाद बिल के संबंध में पूछने लगा। मो. आवेश के अनुसार उन्होंने बताया कि 15 सौ दो हजार रुपए महीना बिल आने की बात सुनने के बाद उस व्यक्ति ने कहा कि एक तार जोड़ते ही बिल 500 से 700 आएगा। इसके लिए पांच हजार रुपए ले लिया।
बिजली मीटर भले ही स्मार्ट है, लेकिन चोरी का तरीका पुराना है। अभी तक स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी के दो मामले में पकड़े गए हैं। दोनों में ही केस में बिजली चोरी का तरीका एक ही था।
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी अब तक दो मामले सामने आए हैं। दोनों ही केस राजधानी रायपुर के हैं। पहला केस ब्राम््हणपारा में पकड़ा गया था और दूसरा बैरनबाजार में सामने आया। दोनों ही केस में मीटर का सील टूटा हुआ मिला।
पावर कंपनी ने मीटर सीज करने के बाद उसकी लैब में जांच कराई। बिजली चोरी की पुष्टि के बाद जुर्माना के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराया गया है। बैरनबाजार मामले में सवा लाख से ज्यादा जुर्माना लगाया गया है। बिजली अफसरों के अनुसार कोर्ट से सजा भी हो सकती है।
छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर से बिजली चोरी का पहला मामला रायपुर के ब्राम्हणपारा में पकड़ा गया था। वहां आलोक शर्मा के यहां भी बाइपास करके बिजली चोरी का खुलासा हुआ। लैब टेस्ट में पुष्टि के बाद आलोक शर्मा पर 87 हजार जुर्माना के साथ ही एफआईआर भी दर्ज कराया गया है।
बिजली अफसरों के अनुसार हर एक स्मार्ट मीटर ऑनलाइन है। इसकी पल-पल की रिपोर्ट बिजली कंपनी के कंट्रोल रुम तक पहुंचती है। ऐसे में मीटर से किसी भी तरह की छेड़छाड़ को उपभोक्ता के परिसर में आए बिना ही पता लगाया जा सकता है। बिजली चोरी के दो मामले सामने आने के बाद कंपनी ने निगरानी बढ़ा दी गई है।
स्मार्ट मीटर पूरे समय ऑनलाइन रहता है, इसकी पुष्टि कोई भी उपभोक्ता बिजली कंपनी के एप से कर सकता है। कंपनी के एप पर सर्विस नंबर डालने पर बिजली खपत देखी जा सकती है। हर आधे घंटे की रीडिंग भी दिखती है।
विद्युत अधिनियम 2003 के तहत मीटर से छोड़छाड़ और बिजली चोरी दोनों ही अपराध है। इस अधिनियम में बिजली चोरी के मामले में तीन साल की सजा और जुर्माना हो सकता है।