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क्या बिना सहमति लग रहा है प्रीपेड मीटर? क्या प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगवाना अनिवार्य है? सरकार ने संसद में दिया बड़ा जवाब, जानें नियम!

Smart meter

नई दिल्ली/रायपुर: देश भर में बिजली बिलिंग सिस्टम को हाई-टेक बनाने के लिए केंद्र सरकार तेज़ी से स्मार्ट मीटर (Smart Meter) लगाने के अभियान पर काम कर रही है। लोक सभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में विद्युत मंत्री मनोहर लाल ने स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम, 2003 (Electricity Act, 2003) के तहत अब नए कनेक्शन केवल स्मार्ट प्री-पेमेंट मीटर (Smart Pre-payment Meter) के साथ ही दिए जाएंगे

6 करोड़ से ज्यादा स्मार्ट मीटर इंस्टॉल

सरकार ने बताया कि अब तक देश भर में विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 6.13 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं । इनमें से 2.25 करोड़ मीटर वर्तमान में प्रीपेड मोड (Prepaid Mode) में सफलतापूर्वक काम कर रहे हैं । सरकार का लक्ष्य 31 मार्च, 2028 तक इस स्कीम को पूरा करना है ।

प्रीपेड मीटर के बड़े फायदे (Key Benefits)

संसद में मंत्री ने बताया कि स्मार्ट प्री-पेड मीटरिंग से न केवल बिजली कंपनियों की बिलिंग दक्षता बढ़ेगी, बल्कि उपभोक्ताओं को भी कई सुविधाएं मिलेंगी:

पुराने बकाया और पेनल्टी पर राहत

उपभोक्ताओं का भरोसा जीतने के लिए मंत्रालय ने विशेष SOP (Standard Operating Procedure) जारी की है । इसके तहत पिछले बकाया बिलों की वसूली आसान किस्तों में की जाएगी और स्मार्ट मीटर द्वारा दर्ज अधिकतम मांग (Maximum Demand) के आधार पर फिलहाल कोई शास्ति (Penalty) नहीं लगाई जाएगी ।

कानूनी आधार: आखिर क्या कहता है नियम?

सरकार ने जानकारी दी कि विद्युत अधिनियम, 2003 (Electricity Act, 2003) की धारा 47(5) में यह प्रावधान है कि उपभोक्ता के अनुरोध पर बिजली कंपनी (Distribution Licensee) उसे प्रीपेड मीटर देगी, जिसके लिए कोई सुरक्षा राशि (Security Deposit) नहीं देनी होगी।

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हालांकि, विद्युत (उपभोक्ता अधिकार) नियम, 2020 के आने के बाद अब नए बिजली कनेक्शन (New Connections) केवल स्मार्ट प्री-पेमेंट मीटर के साथ ही दिए जा रहे हैं।

महत्वपूर्ण बिंदु जो आपको जानना चाहिए (Key Highlights)

बड़ा आंकड़ा: 19 करोड़ मीटर का है लक्ष्य

संशोधित वितरण क्षेत्र स्कीम (RDSS) के तहत राज्यों द्वारा दिए गए प्रस्तावों के आधार पर अब तक 19.79 करोड़ प्रीपेड स्मार्ट मीटर स्वीकृत किए जा चुके हैं। वर्तमान में देशभर में 6.13 करोड़ मीटर लग चुके हैं, जिसमें से 2.25 करोड़ प्रीपेड मोड में चल रहे हैं।
संपादकीय टिप्पणी: यह खबर सीधे लोक सभा के तारांकित प्रश्न (Starred Question) संख्या 541 पर आधारित है, जो इसे सबसे भरोसेमंद स्रोत बनाती है। आपकी वेबसाइट के लिए यह एक High-Authority कंटेंट साबित होगा।

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