Smart Meters स्‍मार्ट बिजली मीटर पर संसद में सवाल: राज्‍य मंत्री ने दी जानकारी…जानिए- छत्‍तीसगढ़ की क्‍या है स्थिति

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Smart Meters रायपुर। बिजली के स्‍मार्ट मीटर को लेकर पूरे देशभर में सवाल उठ रहे हैं। अब यह मामला संसद में उठा रह है। सांसद आशीष दुबे ने स्‍मार्ट मीटर को लेकर लोकसभा में प्रश्‍न किया था। इसका ऊर्जा राज्‍य मंत्री श्रीपाद नाईक ने लिखित उत्‍तर दिया है।

स्‍मार्ट मीटर को लेकर संसद में सवाल

आशीश दुबे ने पूछा कि RDSS) के अंतर्गत राज्यों में स्मार्ट मीटर लगाने की वर्तमान स्थिति क्या है?

उन्‍होंने यह भी जानना चाहा कि कुल तकनीकी और वाणिज्यिक हानियों पर स्मार्ट मीटरिंग का क्या प्रभाव है?

सरकार की तरफ से बिजली खपत के संबंध में आयोजित उपभोक्ता जागरूकता कार्यक्रमों का ब्यौरा क्या है?

जानिए- क्‍या बताया आरडीएसएस योजना का उद्देश्‍य

केंद्रीय ऊर्जा राज्‍य मंत्री श्रीपाद नाईक ने बताया कि भारत सरकार ने जुलाई, 2021 में संशोधित वितरण क्षेत्र स्कीम (RDSS) शुरू की, जिसका उद्देश्य राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों को वितरण यूटिलिटी की प्रचालनात्मक दक्षता और वित्तीय स्थिरता में सुधार  के लिए सहायता प्रदान करना है, ताकि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके। इस स्कीम के अंतर्गत प्रमुख पहलों में से एक उपभोक्ताओं, वितरण ट्रांसफार्मरों और  फीडरों की स्मार्ट मीटरिंग है।

कहां- कहां लग रहा है स्‍मार्ट मीटर

केंद्रीय राज्‍य मंत्री ने बताया कि RDSS के अंतर्गत 28 राज्यों / संघ राज्य क्षेत्रों की 45 वितरण यूटिलिटी के लिए स्मार्ट मीटरिंग कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इसके तहत 19.79 करोड़ उपभोक्ताओं, 52.53 लाख वितरण ट्रांसफार्मरों और 2.05 लाख फीडरों की स्मार्ट मीटरिंग शामिल है।

अब तक लग चुके चार करोड़ से ज्‍यादा मीटर

जनवरी, 2026 तक इस स्कीम के अंतर्गत 4.19 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त, राज्यों द्वारा अपनी राज्य स्कीमों/अन्य स्कीमों के अंतर्गत भी स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। इस प्रकार, विभिन्न स्कीमों के अंतर्गत देशभर में कुल 5.59 करोड़ स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। आरडीएसएस के अंतर्गत स्मार्ट मीटरिंग कार्यों का राज्य / संघ राज्य क्षेत्रवार ब्यौरा अनुबंध पर दिया गया है।

प्रीपेड मीटर से उपभोक्‍ता और कंपनी दोनों को लाभ

उन्‍होंने बताया है कि प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग से डिस्कॉमों Discoms और उपभोक्ताओं, दोनों को लाभ होता है। इससे डिस्कॉमों को अग्रिम राजस्व संग्रह में सुविधा मिलती है, जिसके परिणामस्वरूप संग्रह दक्षता में सुधार, बकाया देयता में कमी, कम कार्यशील पूंजी आवश्यकता के कारण ब्याज की बचत, डिस्कॉमों Discoms के नकदी प्रवाह में वृ‌द्धि आदि लाभ प्राप्त होते हैं।

लाइन लॉस में कमी का दावा

राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों के सामूहिक प्रयासों और स्मार्ट मीटरिंग के कार्यान्वयन सहित विभिन्न सुधारात्मक उपायों के परिणामस्वरूप एटीएंडसी हानि वित्त वर्ष 2021 में 21.91% से घटकर वित्त वर्ष 2025 में 15.04% हो गई है।

प्रीपेड स्‍मार्ट मीटर को लेकर भ्रम दूर करने का प्रयास

मंत्री ने बताया कि प्रीपेड स्मार्ट मीटरिंग के प्रति उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने और स्मार्ट मीटरिंग के लाभों के संबंध में उपभोक्ता जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से, वितरण यूटिलिटी, आरडीएसएस के अंतर्गत नामित नोडल एजेंसियों-पीएफसी लिमिटेड PFC Limited और आरईसी लिमिटेड REC Limited व एएमआई सेवा प्रदाताओं के जरिये विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए गए हैं।

रियल टाइम जानकारी

स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के लाभ, हेल्पलाइन नंबर, मोबाइल ऐप Mobile App के उपयोग व रियल टाईम में विद्युत खपत, खपत का हिस्टोरिकल विश्लेषण आदि विशेषताओं को दर्शाने वाले पैम्फलेटों का वितरण।

जानकारी देने वाले बैनर

उपभोक्ताओं की अधिक आवाजाही वाले स्थानों, डिस्कॉम मुख्यालय, मंडल व उप-मंडल कार्यालयों में बैनर लगाना।

जागरुकता कार्यशाला

लाउडस्पीकर से घोषणा के माध्यम से उपभोक्ता सहभागिता अभियान, स्थानीय भाषा में कहानी-आधारित ऑडियो जिंगल तथा स्मार्ट मीटर संस्थापना के दौरान उपभोक्ता जागरूकता कार्यशाला।

भ्रांतियां दूर करने का प्रयास

उपभोक्ताओं को स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के लाभ समझाने व  भ्रांतियों को दूर करने हेतु जागरूकता कैनोपी का प्रदर्शन । सोशल मीडिया सहभागिता व जनसंपर्क गतिविधियां।

किस राज्‍य में कितने स्‍मार्ट मीटर लगे

chatur postFebruary 16, 2026
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