Smart Meter रायपुर। बिहार में 1 अप्रैल 2026 से स्मार्ट मीटर वाले घरों और प्रतिष्ठानों के लिए बिजली बिलिंग की नई व्यवस्था ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ लागू होने जा रही है। इस नई व्यवस्था के तहत अब आपको यह ध्यान रखना होगा कि आप किस समय बिजली का ज्यादा इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि दिन के अलग-अलग घंटों में बिजली की दरें भी अलग-अलग होंगी।
छत्तीसगढ़ में भी है इसकी तैयारी
छत्तीसगढ़ में भी ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ लागू करने की तैयारी है। इसके संकेत ऊर्जा सचिव डॉ. रोहित यादव ने करीब महीनेभर पहले एक प्रेसवार्ता में दिया था। राज्य सरकार के दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर नवा रायपुर में 19 फरवरी 2026 को आयोजित प्रेसवार्ता में डॉ. रोहित यादव ने कहा था कि पीक आवर में कम खपत वाले उपभोक्ताओं को रियायत देने की योजना पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि पीक ऑवर में जिस उपभोक्ता के यहां लोड ज्यादा दिखेगा उसे मैसेज भेजा जाएगा।
क्या है ‘टाइम ऑफ डे’ (ToD) टैरिफ?
सरल शब्दों में कहें तो यह समय के आधार पर तय होने वाली बिजली दर है। बिहार सरकार और बिजली विभाग का उद्देश्य पीक आवर्स (जब बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है) में लोड कम करना है। इससे उन 8.7 मिलियन उपभोक्ताओं को सीधा फायदा होगा जिनके पास स्मार्ट मीटर लगे हैं।
उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद
बिजली सेक्टर के जानकारों की राय में ToD सिस्टम बिजली उपभोक्ताओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। छत्तीसगढ़ में मोर बिजली एप से उपभोक्ता अपनी खपत देख सकते हैं।
बिहार में बिजली का नया रेट कार्ड: कब जेब पर पड़ेगा बोझ और कब होगी बचत?
| समय (Time Slot) | श्रेणी | दर की स्थिति | अनुमानित रेट (घरेलू) |
|---|---|---|---|
| सुबह 9:00 – शाम 5:00 | ऑफ-पीक (दिन) | 20% की भारी छूट | ₹5.94 प्रति यूनिट |
| रात 11:00 – सुबह 9:00 | नॉर्मल समय | सामान्य दर | ₹7.42 प्रति यूनिट |
| शाम 5:00 – रात 11:00 | पीक ऑवर्स | 10% अतिरिक्त शुल्क | ₹8.16 प्रति यूनिट |
विशेष नोट: व्यावसायिक (Commercial) उपभोक्ताओं के लिए पीक समय (शाम के वक्त) में यह अतिरिक्त शुल्क 20% तक हो सकता है।
आम जनता कैसे बचा सकती है पैसे?
चतुर पोस्ट की सलाह है कि इस नई व्यवस्था का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ता अपने भारी उपकरणों (जैसे वॉशिंग मशीन, मोटर, या भारी मशीनरी) का उपयोग सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे के बीच करें। ऐसा करने पर आपको सामान्य से 20% कम बिल देना होगा। वहीं, शाम 5 बजे से रात 11 बजे के बीच बिजली का कम से कम उपयोग कर आप 10% महंगे चार्ज से बच सकते हैं।
स्मार्ट मीटर वालों के लिए अनिवार्य
यह नियम फिलहाल उन्हीं उपभोक्ताओं पर लागू होगा जिनके यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगे हैं। विभाग का मानना है कि इससे बिजली ग्रिड पर दबाव कम होगा और उपभोक्ताओं को अपनी खपत मैनेज करने का मौका मिलेगा।
डिस्क्लेमर: बिजली दरों में मामूली बदलाव या फिक्स्ड चार्ज की जानकारी के लिए अपने नजदीकी बिजली कार्यालय या आधिकारिक वेबसाइट पर भी नजर रखें।

