
Solar Plant रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी ने अपने ही स्टाफ की जेब ढीली करा रही है। कंपनी के एक फैसले के कारण स्टाफ का आर्थिक भार बढ़ गया है।
मामला सोलर प्लांट का
दरअसल, पूरा मामला प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर प्लांट लगाने के लिए पंजीयन कराने का है। कंपनी ने पंजीयन नहीं कराने वाले बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों को बिजली बिल में मिलने वाली रियायत बंद कर दी गई है।
दिसंबर में आया पूरा बिल
नवंबर की खपत पर इस माह कर्मचारियों को पूरा बिल भेजा गया है। कंपनी प्रबंधन के फैसले से अधिकारियों और कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। कर्मचारी संगठनों ने भी इस पर आपत्ति उठाई है।
पंजीयन के लिए दबाव
पीएम सूर्य घर योजना के तहत घरेलू कनेक्शनों में ज्यादा से ज्यादा सोलर रूफटॉप लगाने के लिए पावर कंपनी प्रबंधन जोर-शोर से जुटा हुआ है। आम उपभोक्ताओं को रूफटॉप लगाने के लिए प्रेरित करने के साथ ही प्रबंधन अपने अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी पंजीयन कराने के लिए दबाव बना रहा है।
पंजीयन कराने के लिए 25 नवंबर तक का था समय
कंपनी ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को पोर्टल पर पंजीयन कराने के लिए 25 नवंबर तक की मोहलत दी थी। समय सीमा खत्म होने के बाद भी आधे कर्मचारियों ने पंजीयन नहीं कराया है।
50 प्रतिशत छूट समाप्त
अब प्रबंधन ने कड़ा रूख अपनाते हुए पीएम सूर्य घर योजना के लिए पंजीयन नहीं कराने वाले बिजली अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बिजली बिल में मिलने वाली 50 प्रतिशत की छूट इस माह से समाप्त कर दी है।
सभी संभागीय मुख्यालयों को निर्देश जारी
इससे कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया है। कर्मचारियों को नवंबर का बिल हाथ में मिला तो रियायत बंद कर पूरा बिल दिया गया है। प्रबंधन के निर्देश पर कंपनी के राजस्व शाखा ने रियायत बंद करने संबंधी पत्र भी सभी क्षेत्रीय संभागों को जारी कर दिया है।
फिर से मिल सकती है छूट
बताया जा रहा है कि रूफटॉप के लिए पंजीयन कराने के बाद सूचना देने पर संबंधित कर्मचारी की बंद रियायत पुनः मिलने लगेगी। बता दें कि कंपनी प्रबंधन ने सोलर प्लांट लगाने के लिए कर्मचारियों को जीरो परसेंट पर लोन देने की भी बात कही है। लोन की किस्त 12 समान किस्तों में वसूल की जाएगी। अगले 4 माह में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा।
बिजली बिल हाफ योजना का मिलेगा लाभ
कंपनी की ओर से बिजली बिल में मिलने वाली रियायत बंद होने के बाद अब अधिकारियों व कर्मचारियों को राज्य सरकार की हाफ बिल का लाभ मिलने लगेगा। पूर्व में 100 यूनिट खपत पर हाफ बिल का प्रावधान था लेकिन 1 दिसंबर से हाफ बिल की सीमा 200 यूनिट कर दी गई है।
अब 400 यूनिट तक मिलेगा लाभ
200 यूनिट तक हाफ बिल का लाभ अब 400 यूनिट खपत तक मिलेगा। यह सुविधा फिलहाल एक साल तक के लिए रहेगी। पूर्व में 100 यूनिट से 1 यूनिट अधिक होने पर हाफ बिल का लाभ नहीं मिलता था।
कंपनी का बढ़ेगा राजस्व
बताते हैं कि रियायत बंद होने पर बिजली कर्मी भी अब हाफ बिल योजना के दायरे में आएंगे। इससे पावर कंपनी प्रबंधन ही फायदे में रहेगा। 50 प्रतिशत रियायत देने पर कंपनी को नुकसान होता था लेकिन छूट खत्म होने पर हाफ बिल की सब्सिडी राज्य शासन की ओर से कंपनी को मिलेगी।
पंजीयन के बाद कई तकनीकी समस्याएं आ रही
पंजीयन कराने के बाद रूफटॉप लगाने के लिए कई तकनीकी समस्याएं आ रही है। आम उपभोक्ताओं को जहां लोन के लिए बैंक में मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं लोन स्वीकृत होने पर पैनल, बैटरी व अन्य आवश्यक सामग्रियों की कमी की वजह से सोलर प्लांट लगाने में समय लग रहा है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक 13 हजार से अधिक रूफटॉप लग चुक हैं।




