Solar Plant रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय (PMO) में डॉयरेक्टर ने राजधानी के डंगनिया स्थित बिजली मुख्यालय में समीक्षा बैठक की। पीएमओ की डॉयरेक्टर IAS पूजा जैन की इस बैठक में बिजली कंपनी के आला अफसरों के साथ बैंकर्स और वेंडर शामिल हुए। जैन ने छत्तीसगढ़ में PM सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को बैंकों से लोन प्राप्त करने में आ रही कठिनाइयों के साथ वेंडरों के कार्यों की समीक्षा की गई।
बिजली मुख्यालय में आयोजित इस बैठक में 18 राष्ट्रीकृत के साथ निजी बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। योजना में विभिन्न बैंकों की तरफ से सोलर रूफटॉफ प्लांट लगाने के लिए अपनाई जा रही लोन प्रक्रिया में एक रूपता लाने व न्यूनतम आवश्यक डॉक्यूमेन्टेशन के साथ ऋण उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया गया।
बैठक के दौरान लोन स्वीकृत होने के बाद प्रकरण निरस्त किए जाने और लोन देने में हो रहे विलंब पर चिंता व्यक्त किया गया है। साथ ही बैंकों के प्रतिनिधियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को योजना अंतर्गत दिए जा रहे लोन की अवधि और इसके एवज में उपभोक्ताओं की तरफ से दी जाने वाली EMI के संबंध में उपभोक्ताओं से चर्चा कर उन्हें पूरी जानकारी देने के लिए कहा गया।
इससे उपभोक्ताओं के लोन से संबंधी आवेदन जानकारी के अभाव में निरस्त न हो। अधिक से अधिक उपभोक्ता बैंकों की तरफ से दी जा रही लोन सुविधा का लाभ लेकर, योजना अंतर्गत अपने छतों पर सोलर प्लांट लगाकर इसका लाभ लें और मुफ्त बिजली की ओर अग्रसर हो ताकि योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ राज्य को प्राप्त लक्ष्य की पूर्ति हो सके। बैंकों की तरफ से लोन देने में आ रही कठिनाइयों से अवगत होते हुए उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए।
बैठक में उपस्थित वेंडरों ने योजना अंतर्गत आ रही कठिनाइयों से उन्हें अवगत कराया। पूजा जैन ने इन कठिनाइयों को दूर करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने यह भी सलाह दी कि सोलर रूफटॉफ प्लांट की स्थापना के कार्य में आ रही समस्याओं का CSPDCL, बैंकर्स और वेंडर तुरंत समाधान करें ताकि निर्धारित समय सीमा के अंदर लक्ष्य की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
इस बैठक मे भीम सिंह कंवर, प्रबंध निदेशक, CSPDCL. आरए पाठक, डायेरक्टर, एसके गजपाल कार्यपालक निदेशक (आरए & पीएम), मनोज कोसले उपसचिव (ऊर्जा विभाग छत्तीसगढ़ शासन), एन. बिम्बिसार नोडल अधिकारी पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, REC के अधिकारी, विभिन्न राष्ट्रीयकृत एवं निजी बैंकों के प्रतिनिधि और वेंडर शामिल हुए।