Solar Plant रायपुर। छत्तीसगढ़ की सरकारी बिजली कंपनी प्रबंधन ने अपने स्टाफ के लिए एक आदेश जारी किया है। इसमें प्रबंधन ने अपने स्टाफ के लिए घरों की छत पर सोलर रुफ टॉप लगाना अनिवार्य कर दिया है। यह सोलर प्लांट प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत लगाया जाना है।
कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट कह दिया है कि सोलर रूफटॉप नहीं लगाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को कंपनी की ओर से बिजली बिल में मिलने वाली विशेष रियायत स्थगित कर दी जाएगी।
ज्यादातर कर्मचारियों की अपनी अपनी समस्याएं हैं। कुछ किराए के मकान में रह रहे हैं, कुछ फ्लैट में रहते हैं तो कइयों के घर की छत रूफटॉप के अनुरूप पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि सोलर रूफटॉप उन्हीं घरों व मीटरों में लगाना है, जहां उन्हें रियायत का लाभ मिल रहा है।
वर्तमान में कंपनी में लगभग 15 हजार से ज्यादा अधिकारी कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें 2500 अधिकारी और बाकी शेष कर्मचारी हैं। कई अधिकारियों-कर्मचारियों ने ऑनलाइन आवेदन तो कर दिए हैं लेकिन अभी तक 5 फीसदी कर्मचारियों के घरों की छतों पर रूफटॉप नहीं लग पाए हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन के प्रांतीय महासचिव अजय बाबर ने कहा कि कंपनी प्रबंधन द्वारा सोलर रूफटॉप लगाने के लिए जबरन दबाव बनाए जाने से कर्मचारियों में निराशा और असंतोष व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि रूफटॉप स्थापित करने के लिए कर्मचारियों को ब्याज रहित कुल लागत की एकमुश्त राशि प्रदान की जाए और उसकी कटौती आगामी 10 वर्षों तक समान किस्त में की जाए।
उन्होंने मांग की है कि सोलर प्लांट लगाने कर्मचारियों पर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं बनाया जाए, इसे वैकल्पिक रखा जाए।