Soumya Chaurasia रायपुर। छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान हुए कथित शराब घोटाला में तत्कालीन मुख्यमंत्री की उप सचिव रही राज्य सेवा की निलंबित अफसर सौम्या चौरसिया की भी अहम भूमिका थी। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दावा किया है कि 2500 करोड़ रुपए के इस घोटाला में सौम्या को 115.5 करोड़ रुपए मिले थे।
इस मामले में ईडी ने 16 दिसंबर को सौम्या को गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने दो दिन की रिमांड दी थी, जिसकी अवधि आज (19 दिसंबर) पूरी होने पर ईडी ने फिर से उसे कोर्ट में पेश किया। जहां कोर्ट ने सौम्या को 14 दिन की रिमांड पर भेज दिया है।
ईडी की तरफ से जारी प्रेसनोट में बताया गया है कि जांच में पता चला कि शराब घोटाला के जरिये प्राप्त धन में से सौम्या चौरसिया को लगभग 115.5 करोड़ रुपये मिले थे। इसके अलावा, डिजिटल रिकॉर्ड, जब्त सामग्री और लिखित बयानों के रूप में एकत्र किए गए सबूतों से यह साबित होता है कि सौम्या चौरसिया शराब सिंडिकेट की एक सक्रिय साथी थीं।
ईडी के अुनसार डिजिटल सबूत अनिल टूटेजा और चैतन्य बघेल सहित सिंडिकेट के प्रमुख सदस्यों के बीच केंद्रीय समन्वयकर्ता और मध्यस्थ के रूप में उनकी भूमिका की पुष्टि करते हैं, जिससे अवैध धन के उत्पादन और लॉन्ड्रिंग में सुविधा हुई। साथ ही, बरामद चैट से सिंडिकेट के शुरुआती संगठन में उनकी संलिप्तता का पता चलता है, जिसमें अरुण पति त्रिपाठी और निरंजन दास को आबकारी विभाग में महत्वपूर्ण पदों पर रखने में सहायता शामिल है।
इससे पहले, अनिल टूटेजा, अरविंद सिंह, त्रिलोक सिंह ढिल्लों, अनवर ढेबर, अरुण पति त्रिपाठी, कवासी लखमा, चैतन्य बघेल को ईडी ने इस मामले में गिरफ्तार किया था।