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मैडल की फैक्ट्री बनेगा भारत! डिप्टी सीएम अरुण साव ने बताया- ओलंपिक में जीत के लिए ‘पारदर्शिता’ और ‘प्रतिभा’ क्यों है जरूरी

Sports Governance

रायपुर। श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन छत्तीसगढ़ के उप-मुख्यमंत्री अरुण साव ने भारतीय खेलों के भविष्य को लेकर एक बड़ा रोडमैप साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हमारी खेल व्यवस्था में Good Governance और पारदर्शिता नहीं होगी, तब तक वैश्विक स्तर पर बड़ी सफलता हासिल करना कठिन है।

26 अप्रैल 2026 को इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए अरुण साव ने न केवल छत्तीसगढ़ के ‘स्पोर्ट्स मॉडल’ को पेश किया, बल्कि ओलंपिक जैसे बड़े आयोजनों में भारत की धाक जमाने के लिए तीन मूल मंत्र दिए: प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर।

क्या, कब और कहाँ?

छत्तीसगढ़ का खेल मॉडल: देश भर के मंत्रियों ने की सराहना

सत्र की अध्यक्षता करते हुए अरुण साव ने एक विशेष वीडियो प्रेजेंटेशन के जरिए छत्तीसगढ़ में चल रही खेल योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कैसे राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और ट्रेनिंग की सुविधा दे रही है।

चिंतन शिविर में मौजूद विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों और अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ की रणनीतियों को प्रभावी मॉडल बताया। साव ने जोर देकर कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें राष्ट्रीय मंच प्रदान करना ही उनकी सरकार की प्राथमिकता है।

Sports Governance: भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी पर कड़ा प्रहार

खेलों में सबसे बड़ी बाधा अक्सर चयन प्रक्रिया और उम्र की धोखाधड़ी (Age Fraud) होती है। इस मुद्दे पर सत्र में विस्तार से चर्चा हुई।

‘माई भारत’ और युवाओं के लिए अगली बड़ी योजना

शिविर का समापन एक बड़े ऐलान के साथ हुआ। केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि युवाओं के समग्र विकास के लिए जल्द ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक अलग विशेष चिंतन शिविर आयोजित किया जाएगा। इसके अलावा, ‘MY Bharat’ (माई भारत) योजना के जरिए युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का एक ठोस एक्शन प्लान भी तैयार किया गया है।

इस आयोजन में अभिनव बिंद्रा, पुलेला गोपीचंद और गगन नारंग जैसे दिग्गज ओलंपियन्स ने भी हिस्सा लिया, जिससे यह स्पष्ट है कि भारत अब 2028 और 2032 के ओलंपिक के लिए जमीनी स्तर पर तैयारी शुरू कर चुका है।

इसका असर क्या होगा? (Impact Analysis)

  1. खिलाड़ियों का भरोसा बढ़ेगा: चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता आने से ग्रामीण इलाकों के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे आने का मौका मिलेगा।
  2. ओलंपिक मेडल की संख्या में वृद्धि: सुदृढ़ खेल व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग से भारत की मेडल तालिका में सुधार होगा।
  3. स्वदेशी खेल उपकरण: स्पोर्ट्स स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलने से खेल उपकरण सस्ते होंगे और स्थानीय उद्योगों को रोजगार मिलेगा।
  4. युवा सशक्तिकरण: ‘माई भारत’ जैसी योजनाओं से युवाओं को न केवल खेल बल्कि करियर के अन्य क्षेत्रों में भी सही दिशा मिलेगी।

निष्कर्ष

अरुण साव का यह संबोधन और छत्तीसगढ़ का उभरता खेल मॉडल यह संकेत देता है कि भारत अब खेल के क्षेत्र में सिर्फ ‘प्रतिभागी’ नहीं, बल्कि ‘विजेता’ बनने की राह पर है। यदि Sports Governance में ईमानदारी और आधुनिक तकनीक का समावेश होता है, तो वह दिन दूर नहीं जब भारत वैश्विक खेल महाशक्ति के रूप में उभरेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Sports Governance क्या है?

Sports Governance का मतलब खेल प्रशासन में पारदर्शिता, नियम और नीतियों का सही संचालन है।

MY Bharat योजना क्या है?

यह केंद्र सरकार की पहल है, जिसका उद्देश्य युवाओं को खेल और विकास गतिविधियों से जोड़ना है।

Age Fraud क्यों बड़ा मुद्दा है?

उम्र में गड़बड़ी से निष्पक्ष चयन प्रभावित होता है, जिससे योग्य खिलाड़ियों को नुकसान होता है।

गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स (Sports Governance) क्या है?

इसका अर्थ है खेल संघों और सरकारी निकायों में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता सुनिश्चित करना, ताकि खिलाड़ियों को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिल सकें।

‘माई भारत’ (MY Bharat) योजना का उद्देश्य क्या है?

यह केंद्र सरकार की एक पहल है जिसका उद्देश्य युवाओं को देश के विकास से जोड़ना, उनकी नेतृत्व क्षमता को बढ़ाना और उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

Disclaimer: यह रिपोर्ट छत्तीसगढ़ जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी जानकारी पर आधारित है। ताजा खबरों के लिए chaturpost.com से जुड़े रहें।

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