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बिहार में बड़ा खेला: CM की कुर्सी दौड़ में पिछड़ गए सम्राट? क्‍या BJP इस महिला को बनाएगी मुख्‍यमंत्री? शिवराज करेंगे ऐलान

BiharPolitics न्‍यूज डेस्‍क। बिहार की राजनीति में 14 अप्रैल की तारीख एक बड़े भूकंप का संकेत दे रही है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इसी दिन कैबिनेट की आखिरी बैठक के बाद अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। लेकिन सबसे चौंकाने वाली खबर भाजपा के खेमे से आ रही है, जहाँ मुख्यमंत्री की रेस में दिग्गज नेताओं को पछाड़कर एक युवा महिला मंत्री का नाम सबसे ऊपर उभर रहा है।

शिवराज सिंह चौहान तय करेंगे ‘बिहार का भविष्य’

भाजपा आलाकमान ने बिहार में नेतृत्व परिवर्तन की प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को ‘ऑब्जर्वर’ (पर्यवेक्षक) नियुक्त किया है। सूत्रों की मानें तो 15 अप्रैल को शिवराज सिंह नए मुख्यमंत्री के नाम का आधिकारिक ऐलान कर सकते हैं। इस बीच सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा की नीतीश कुमार के साथ मुलाकातों का दौर जारी है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि एनडीए के नए फॉर्मूले के तहत अब भाजपा का मुख्यमंत्री बनना तय है।

सम्राट चौधरी पिछड़े, श्रेयसी सिंह का बढ़ा ग्राफ!

अब तक माना जा रहा था कि सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री पद के सबसे प्रबल दावेदार हैं, लेकिन अचानक खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का नाम रेस में सबसे आगे आ गया है। 29 अगस्त 1991 को जन्मी श्रेयसी की बेदाग छवि, उच्च शिक्षा और युवाओं के बीच लोकप्रियता उन्हें भाजपा का ‘ट्रम्प कार्ड’ बना रही है।

संभावित दावेदारताकत (Strengths)चुनौती (Challenges)
श्रेयसी सिंहयुवा चेहरा, महिला वोट बैंक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान (अर्जुन अवॉर्डी), बेदाग छवि।प्रशासनिक अनुभव की कमी, वरिष्ठ नेताओं के बीच सामंजस्य बिठाना।
सम्राट चौधरीमजबूत संगठनात्मक पकड़, ओबीसी (लव-कुश) वोट बैंक पर प्रभाव, आक्रामक नेतृत्व।सवर्ण और अन्य वर्गों को साधने का कठिन जातिगत समीकरण।
विजय सिन्हालंबा विधायी और प्रशासनिक अनुभव, विधानसभा संचालन का तजुर्बा।पूरे बिहार के लिए एक सर्वमान्य ‘लोकप्रिय चेहरा’ बनने की चुनौती।

*चतुरपोस्ट विशेष: सूत्रों और राजनीतिक विश्लेषण पर आधारित अनुमानित समीकरण।

कौन हैं श्रेयसी सिंह? राजनीति और खेल का ‘गोल्डन’ संगम

श्रेयसी सिंह वर्तमान में बिहार सरकार में खेल और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) मंत्री हैं। उनका परिचय सिर्फ एक नेता तक सीमित नहीं है:

  • इंटरनेशनल शूटर: श्रेयसी ने 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीता था। उन्हें भारत सरकार द्वारा अर्जुन अवार्ड से भी नवाजा जा चुका है।
  • विरासत: उनके पिता स्वर्गीय दिग्विजय सिंह केंद्र में मंत्री रहे थे और मां पुतुल कुमारी पूर्व सांसद हैं।
  • शिक्षा: दिल्ली के हंसराज कॉलेज से स्नातक और फरीदाबाद से MBA करने वाली श्रेयसी आधुनिक बिहार का चेहरा मानी जा रही हैं।

क्यों भाजपा खेल सकती है श्रेयसी पर दांव?

  1. नारी शक्ति कार्ड: ‘नारी शक्ति वंदन’ के दौर में एक युवा महिला को सीएम बनाना भाजपा का मास्टरस्ट्रोक होगा।
  2. जातिगत समीकरण: राजपूत (क्षत्रिय) समाज से आने वाली श्रेयसी के जरिए भाजपा सवर्ण मतदाताओं को बड़ा संदेश दे सकती है।
  3. करोड़ों की संपत्ति और साफ छवि: 2026 के आंकड़ों के अनुसार, उनके पास 7.63 करोड़ रुपये की संपत्ति है, लेकिन उनकी छवि एक अनुशासित खिलाड़ी और सुलझी हुई नेता की है।

14 अप्रैल को नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार की सियासत किस करवट बैठेगी, इस पर पूरे देश की नजरें टिकी हैं।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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