
रायपुर। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क (Excise Duty) में ₹10 की भारी कटौती की है, जबकि डीजल पर लगने वाले शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर ‘शून्य’ कर दिया है।
आम आदमी की जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ
सरकार की ओर से जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, पेट्रोल पर अब मात्र ₹3 उत्पाद शुल्क देय होगा। वहीं, डीजल पर शुल्क समाप्त करने का उद्देश्य माल ढुलाई और कृषि लागत को कम करना है, ताकि महंगाई पर लगाम कसी जा सके।
सरकार का तर्क:
“वैश्विक संकट के इस कठिन दौर में भी यह निर्णायक कदम यह सुनिश्चित करता है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद आम उपभोक्ताओं पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े।”
कीमतों पर क्या होगा असर?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कटौती के बाद देश भर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में स्थिरता आएगी। यदि सरकार यह कदम नहीं उठाती, तो वैश्विक तनाव के कारण तेल कंपनियां कीमतें ₹15 से ₹20 तक बढ़ाने पर विचार कर रही थीं। इस टैक्स कटौती से तेल कंपनियों का घाटा (Under-recovery) कम होगा और कीमतें वर्तमान स्तर पर ही टिकी रहेंगी।

प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
पेट्रोल: उत्पाद शुल्क ₹13 से घटकर ₹3 हुआ (₹10 की सीधी राहत)।
डीजल: उत्पाद शुल्क ₹10 से घटकर ₹0 (पूरी तरह समाप्त)।
उद्देश्य: महंगाई को नियंत्रित करना और लॉजिस्टिक्स खर्च कम करना।
आदेश: केंद्र सरकार ने तत्काल प्रभाव से आदेश लागू करने के निर्देश दिए हैं।
Chatur Post Fact-Check
यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराया हुआ है। सरकार ने राजस्व (Revenue) का नुकसान सहते हुए जनता को महंगाई की मार से बचाने का प्रयास किया है। छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश के पेट्रोल पंपों पर नई दरें जल्द ही प्रभावी रूप से दिखाई देंगी।







