
रायपुर! छत्तीसगढ़ के वनांचलों में रहने वाले लाखों आदिवासियों और ग्रामीणों के लिए खुशियों वाली खबर (Breaking News) सामने आई है। प्रदेश की भाजपा सरकार ने ‘हरा सोना’ यानी तेंदूपत्ता संग्राहकों की आय (Income) बढ़ाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। इस साल तेंदूपत्ता सीजन में प्रदेश के 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवारों को लगभग 920 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना संभावित है।
वन मंत्री केदार कश्यप के निर्देशों के बाद प्रशासन ने संग्रहण कार्य की तैयारियां युद्ध स्तर पर पूरी कर ली हैं। आइए जानते हैं इस साल क्या बदलाव हुए हैं और संग्राहकों को कितना फायदा (Profit) होने वाला है।
संग्रहण दर में बंपर इजाफा (Significant Hike in Rates)
राज्य शासन ने आदिवासियों और लघु वनोपज संग्राहकों के हितों की रक्षा करते हुए तेन्दूपत्ता संग्रहण की दरों (Collection Rates) में भारी बढ़ोतरी की है।
- पुरानी दर: 4,000 रुपए प्रति मानक बोरा।
- नई दर (वर्ष 2024 से): 5,500 रुपए प्रति मानक बोरा।
इस सीधे इजाफे का मतलब है कि अब ग्रामीणों को उनके श्रम का उचित मूल्य मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को जबरदस्त बूस्ट मिलेगा।
13 लाख परिवारों के लिए रोजगार का बड़ा अवसर (Employment Opportunities)
तेंदूपत्ता संग्रहण केवल एक कार्य नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वनवासियों की जीवनरेखा है। इस वर्ष के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- कुल परिवार: 13 लाख से अधिक संग्राहक परिवार इस काम से जुड़े हैं।
- नया जुड़ाव: अकेले बस्तर संभाग में इस साल 14,057 नए परिवार इस कार्य से जुड़े हैं।
- कुल समितियां: राज्य की 31 जिला वनोपज सहकारी यूनियनों के तहत 902 प्राथमिक समितियों में काम होगा।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में पहली बार ‘सफेद रोशनी’ (Developments in Remote Areas)
इस साल सरकार ने उन क्षेत्रों तक पहुंचने का साहस दिखाया है जहाँ पहले पहुंचना मुश्किल था।
- अबूझमाड़ में नई शुरुआत: नारायणपुर के अबूझमाड़ क्षेत्र में पहली बार 10 नए फड़ (Collection Centers) स्थापित किए गए हैं।
- बाधाएं दूर: पिछले साल नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जो 351 फड़ बंद थे, उन्हें इस साल फिर से शुरू करने की पूरी तैयारी है।
- विस्तार: सुकमा और केशकाल के दुर्गम इलाकों में भी नए फड़ खोले गए हैं।
कैसे होगा भुगतान और सुरक्षा? (Safe & Transparent Payment)
- Direct Benefit Transfer (DBT): पैसा सीधे संग्राहकों के बैंक खातों में जमा होगा।
- Online Software: भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता (Transparency) के लिए नए सॉफ्टवेयर का उपयोग।
- Insurance Cover: तेंदूपत्ता के भंडारण का बीमा (Insurance) भी कराया जा रहा है ताकि किसी भी प्राकृतिक आपदा या आगजनी में नुकसान की भरपाई हो सके।
क्या होता है एक ‘मानक बोरा’? (Technical Understanding)
आम पाठकों और नए संग्राहकों के लिए यह समझना जरूरी है कि गणना कैसे होती है। एक मानक बोरे (Standard Bag) का गणित कुछ इस प्रकार है:
- 1 मानक बोरा = 1,000 गड्डियां।
- 1 गड्डी = 50 तेंदूपत्ता। इस साल कुल 15 लाख मानक बोरा संग्रहण का विशाल लक्ष्य रखा गया है।
सुशासन और आत्मनिर्भरता की ओर (Conclusion)
छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम न केवल आदिवासियों की आय बढ़ाएगा, बल्कि ‘सुशासन’ (Good Governance) के संकल्प को भी पूरा करेगा। ₹920 करोड़ का यह निवेश सीधे गांव की गलियों तक पहुंचेगा, जिससे स्थानीय बाजारों में रौनक आएगी और पलायन (Migration) जैसी समस्याओं पर भी लगाम लगेगी।







