Power Sector

Power Sector Roundup: बिजली और रिन्यूएबल एनर्जी क्षेत्र में मचेगी हलचल, CEA के नए नियम और करोड़ों के प्रोजेक्ट्स को मिली मंजूरी; देखें क्या बदलेगा?

रायपुर। भारत के ऊर्जा क्षेत्र (Power Sector) में आने वाले कुछ साल बड़े बदलावों के गवाह बनने वाले हैं। बिजली के बुनियादी ढांचे से लेकर सौर ऊर्जा (Solar Energy) के विस्तार तक, सरकार और बड़ी कंपनियों ने मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने जहां नए तकनीकी मानक पेश किए हैं, वहीं GAIL जैसी दिग्गज कंपनियों ने करोड़ों के निवेश का ऐलान किया है।

CEA के नए नियम: 1 अप्रैल 2027 से बदल जाएगी तस्वीर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने इलेक्ट्रिकल प्लांट और लाइनों के निर्माण के लिए नए तकनीकी मानकों (Technical Standards) का ड्राफ्ट जारी किया है। इसके तहत रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज (BESS) के लिए एक समर्पित फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। यह नियम सुरक्षा और संचार प्रोटोकॉल को और अधिक मजबूत (Robust) बनाएंगे।

GAIL का बड़ा निवेश: उत्तर प्रदेश में लगेगा 600 MW का सोलर प्लांट सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गेल (GAIL India Ltd) ने उत्तर प्रदेश में 600 मेगावाट के ग्रीनफील्ड सोलर प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है। लगभग 3,294 करोड़ रुपये की लागत वाला यह प्रोजेक्ट 15 महीने में पूरा होने की उम्मीद है। यह कंपनी के रिन्यूएबल पोर्टफोलियो (Portfolio) को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

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भारत में तेजी से बदल रहा है बिजली का ढांचा, रिन्यूएबल एनर्जी और बैटरी स्टोरेज पर सरकार का बड़ा जोर।

ऊर्जा क्षेत्र की अन्य बड़ी खबरें

  • ग्रीन सबस्टेशन की तैयारी: CEA ने सबस्टेशनों में खतरनाक SF₆ गैस के उपयोग को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने की सिफारिश की है। इसके लिए 2027-28 से पायलट प्रोजेक्ट (Pilot Projects) शुरू होंगे।
  • ACME का नया धमाका: ACME सोलर ने गुजरात और राजस्थान में अपनी विंड और बैटरी स्टोरेज क्षमता को सफलतापूर्वक कमीशन (Commissioned) कर दिया है।
  • 3,000 MW का पावर प्रोजेक्ट: टॉरेंट पावर ने महाराष्ट्र में 3,000 मेगावाट के पंप स्टोरेज प्रोजेक्ट के लिए इलेक्ट्रोमैकेनिकल उपकरणों का ऑर्डर दिया है।
  • BESS मैन्युफैक्चरिंग: गोदावरी पावर की सहायक कंपनी GNEPL ने 20 GWh बैटरी स्टोरेज योजना के लिए LFP सेल की सप्लाई हेतु 5 साल का समझौता किया है।
  • विंड टरबाइन के लिए नई फीस: नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने विंड टरबाइन घटकों की लिस्टिंग के लिए नए आवेदन शुल्क (Fees) तय कर दिए हैं।

तकनीकी सुधार और स्थिरता पर जोर सरकार का ध्यान अब बिजली उत्पादन के साथ-साथ उसकी स्थिरता (Stability) और गुणवत्ता पर भी है। यही कारण है कि नए मानकों में ग्रिड सपोर्ट और डेटा स्टोरेज जैसे महत्वपूर्ण सिस्टम पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आने वाले समय में यह कदम भारत के ऊर्जा आत्मनिर्भरता (Energy Independence) के लक्ष्य को पूरा करने में सहायक होंगे।

Chatur राय बिजली क्षेत्र में हो रहे ये तकनीकी सुधार और बड़े निवेश न केवल औद्योगिक विकास को गति देंगे, बल्कि पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा (Eco-friendly Energy) की ओर बढ़ने के भारत के संकल्प को भी मजबूत करेंगे।

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S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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