
नई दिल्ली/रायपुर। नई दिल्ली में आयोजित तीन दिवसीय Bharat Electricity Summit (BES) का रविवार को शानदार समापन हुआ। इस महाकुंभ ने न केवल भारत की ऊर्जा शक्ति का प्रदर्शन किया, बल्कि वैश्विक मंच पर देश की धाक भी जमाई। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने इस दौरान भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए Renewable Energy (नवीकरणीय ऊर्जा) और Digital Transformation पर विशेष जोर दिया।
समिट की बड़ी उपलब्धियां और आंकड़े (Quick Highlights)
समिट के समापन पर कुछ चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए, जो भारत की प्रगति को दर्शाते हैं:
- Total Participants: 35,000 से अधिक प्रदर्शनी दर्शक और 300+ वक्ता।
- Startup Power: 200 से अधिक कंपनियों में 80+ स्टार्टअप्स ने हिस्सा लिया।
- Business Growth: 1,200 से अधिक बायर-सेलर मीटिंग्स में ₹517 करोड़ से ज्यादा के बिजनेस इन्क्वायरी जेनरेट हुए।
- States Participation: देश के 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सक्रिय भागीदारी।

2030 का लक्ष्य: 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल
ऊर्जा मंत्री ने घोषणा की कि भारत 2030 तक 500 GW नॉन-फॉसिल फ्यूल क्षमता हासिल करने के संकल्प की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि भारत ने पहले ही 50% का आंकड़ा पार कर लिया है। सरकार का विज़न “One Sun, One World, One Grid” वैश्विक स्तर पर ऊर्जा क्षेत्र में क्रांति लाने वाला है।
DISCOMs और स्मार्ट मीटरिंग पर फोकस
बिजली वितरण कंपनियों (DISCOMs) को मजबूत करने के लिए सरकार कई कड़े कदम उठा रही है। इसमें Smart Metering और टैरिफ रिफॉर्म्स प्रमुख हैं। ऊर्जा सचिव पंकज अग्रवाल के अनुसार, आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में ₹32,000 करोड़ के पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) की योजना है।
भविष्य की चुनौतियां और AI का उपयोग
2030 तक भारत में बिजली की मांग 30% से अधिक बढ़ने की उम्मीद है। इसका मुख्य कारण AI-enabled Data Centres और Electric Mobility (इलेक्ट्रिक वाहन) हैं। इस मांग को पूरा करने के लिए Transmission Infrastructure को बढ़ाने के लिए ₹9 लाख करोड़ के निवेश की आवश्यकता होगी।
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