
BIG BREAKING रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन ने एक बेहद कड़े और चौंकाने वाले फैसले में 2003 बैच के सीनियर आईपीएस अधिकारी और आईजी रतनलाल डांगी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए विवाद और एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी द्वारा लगाए गए गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोपों के बाद सरकार ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
निलंबन आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि डांगी ने उच्च पद की गरिमा के विपरीत ‘अशोभनीय और अनैतिक’ आचरण किया है, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई है।
क्या है पूरा मामला?
मामला तब सुर्खियों में आया जब एक पुलिस उप-निरीक्षक (SI) की पत्नी ने पुलिस मुख्यालय (PHQ) में लिखित शिकायत दर्ज कराई। महिला का आरोप है कि आईजी रतनलाल डांगी पिछले कई वर्षों से उसका यौन उत्पीड़न कर रहे थे। शिकायत के मुताबिक:
- परिचय: दोनों की मुलाकात 2017 में हुई थी जब डांगी कोरबा के एसपी थे।
- वीडियो कॉल पर योग: दंतेवाड़ा तबादले के बाद, महिला वीडियो कॉल के जरिए उन्हें योग सिखाती थी, जिससे संपर्क और गहरा गया।
- बंगले पर बुलाने का आरोप: महिला का दावा है कि डांगी अपनी पत्नी की गैर-मौजूदगी में उसे बंगले पर बुलाते थे और बात न मानने पर पति के ट्रांसफर की धमकी देते थे।
- डिजिटल सबूत: महिला ने दावा किया है कि उसके पास इस उत्पीड़न से जुड़े कुछ ‘आपत्तिजनक डिजिटल साक्ष्य’ भी मौजूद हैं।
सरकार की सख्त टिप्पणी: “नैतिकता के प्रतिकूल आचरण”
छत्तीसगढ़ सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि रतनलाल डांगी का कृत्य अखिल भारतीय सेवा (आचरण) नियम 1968 के उल्लंघन की श्रेणी में आता है। सरकार ने उन्हें इस अनैतिक कृत्य के लिए व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार माना है। वर्तमान में पुलिस मुख्यालय ने आईजी डॉ. आनंद छाबड़ा को इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले की जांच सौंपी है।
बड़ा सवाल: खाकी पर दाग या गहरी साजिश?
इस मामले ने छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे को हिला कर रख दिया है। एक तरफ जहां एक महिला के आत्मसम्मान और उत्पीड़न का सवाल है, वहीं दूसरी तरफ एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लगाए गए हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप हैं। जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि सच क्या है, लेकिन फिलहाल इस ‘पावर गेम’ में एक बड़े आईपीएस अफसर की कुर्सी चली गई है।







