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छत्तीसगढ़ में जल संकट की आहट! बांधों में 9.28% गिरा पानी, देखें आपके जिले के जलाशय का हाल

रायपुर: छत्तीसगढ़ में गर्मी (Summer) की तपिश बढ़ने के साथ ही अब जल संकट (Water Crisis) गहराने लगा है। प्रदेश के प्रमुख बांधों और जलाशयों के जलस्तर में पिछले 28 दिनों के भीतर 9.28 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है। विशेषज्ञों (Experts) का मानना है कि यदि मई के महीने में भीषण गर्मी पड़ती है, तो पेयजल (Drinking Water) की समस्या और भी गंभीर हो सकती है।

तेजी से घट रहा है पानी का स्टॉक

प्रदेश में वर्तमान में 12 बड़े और 34 मध्यम श्रेणी के बांध हैं। डेटा के अनुसार, 25 मार्च तक इन जलाशयों में जलभराव 72.46 प्रतिशत था, जो अब घटकर 63.18 प्रतिशत पर आ गया है। विशेष रूप से (Particularly) बालोद के तांदुला बांध, रायगढ़ के केलो और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में जलस्तर 15 से 22 प्रतिशत तक नीचे चला गया है।

जलाशयों की ताजा स्थिति (Data Table)

नीचे दी गई तालिका से आप समझ सकते हैं कि आपके क्षेत्र के बांध में पिछले एक महीने में कितना बदलाव (Change) आया है:

जलाशय का नाम (District)25 मार्च (%)21 अप्रैल (%)
मिनीमाता बांगो (कोरबा)68.7361.26
रविशंकर सागर (धमतरी)80.7469.98
तांदुला जलाशय (बालोद)75.8253.56
खूंटाघाट / खारंग (बिलासपुर)87.2583.40
मनियारी जलाशय (मुंगेली)92.2087.22
केलो जलाशय (रायगढ़)60.1044.58
अरपा भैंसाझार (बिलासपुर)71.1155.91

खेती और निस्तारी के लिए बढ़ रही मांग

इसके अतिरिक्त (Additionally), ग्रामीण इलाकों में भूजल स्तर (Groundwater Level) तेजी से गिरने के कारण हैंडपंप और कुएं सूखने लगे हैं। किसान अब खरीफ की फसल के लिए पानी की अधिक मांग कर रहे हैं। बिलासपुर संभाग में स्थिति को देखते हुए तालाबों को भरने के लिए खूंटाघाट जलाशय से पानी छोड़ने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है।

पिछली बार की तुलना में क्या है स्थिति?

हालांकि (However), राहत की बात यह है कि साल 2025 और 2024 की तुलना में इस वर्ष जलभराव की स्थिति बेहतर है।

  • बड़े बांध: 2026 में 64.35% (जबकि 2025 में 40.19% था)
  • मध्यम बांध: 2026 में 56.95% (जबकि 2025 में 41.09% था)

इससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि प्रशासन के उचित प्रबंधन (Management) से पानी की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

अन्य प्रमुख बांधों का अपडेट:

  • दुधावा जलाशय (कांकेर): 82.71%
  • सिकासार बांध (गरियाबंद): 53.98%
  • सौंदूर जलाशय (धमतरी): 69.32%
  • मुरमसिल्ली (धमतरी): 85.59%
  • कोडार जलाशय (महासमुंद): 28.97% (सबसे कम)

छत्तीसगढ़ के बांधों में पानी तो है, लेकिन जिस तेजी से गिरावट आ रही है, उसे देखते हुए पानी का मितव्ययी उपयोग (Judicious Use) समय की मांग है।

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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