
कोरबा/रायपुर: छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने कार्य के प्रति लापरवाही और निर्देशों की अवहेलना करने वाले दो बड़े अधिकारियों पर निलंबन की गाज गिराई है। एमडी (MD) भीमसिंह कंवर के निर्देश पर कोरबा के अधीक्षण अभियंता (SE) बी.के. सरकार और कटघोरा के कार्यपालन अभियंता (EE) अंशु वार्ष्णेय को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
मामले की जड़: परीक्षा के समय अंधेरे में थे छात्र
निलंबन की यह कार्रवाई बीते 10 मार्च को एमडी भीम सिंह के कोरबा दौरे के बाद शुरू हुई। जब एमडी लेमरू क्षेत्र के देवपहरी गांव पहुंचे, तो वहां ग्रामीणों और विशेषकर आदिवासी छात्रों ने अपनी पीड़ा साझा की। छात्रों ने बताया कि:
* क्षेत्र में लगातार लो-वोल्टेज की समस्या बनी हुई है।
* अघोषित बिजली कटौती (लाइन कटने) के कारण परीक्षाओं की तैयारी में भारी बाधा आ रही है।
* अधिकारियों को बार-बार अवगत कराने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
CSPDCL निर्देशों की अवहेलना पड़ी भारी
छात्रों और ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए एमडी ने मौके पर ही अधिकारियों को सुधार के सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, फील्ड स्तर पर कोई ठोस सुधार न होने और उच्चाधिकारियों के आदेशों को नजरअंदाज करने के कारण विभाग ने इसे “गंभीर लापरवाही” माना। देर शाम निलंबन के कारणों का खुलासा होते ही विभाग में हड़कंप मच गया।
प्रशासनिक फेरबदल और नए दायित्व
जारी आदेश के मुताबिक, निलंबित अधिकारियों के मुख्यालयों में भी बदलाव किया गया है:
* अंशु वार्ष्णेय (EE): इन्हें निलंबित कर इनका मुख्यालय कार्यपालक निदेशक (ज.क्षे.), जगदलपुर नियत किया गया है।
* शत्रुहन कुमार सोनी: कोरबा के कार्यपालन अभियंता शत्रुहन कुमार सोनी को अब अपने वर्तमान कार्यों के साथ-साथ आगामी आदेश तक कटघोरा संभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।







