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चतुरपोस्ट की खबर का बड़ा असर: CSPTCL में प्रमोशन की गड़बड़ी पर गिरी गाज, इंजीनियर की पदोन्नति पर लगी रोक

CSPTCL Promotion News: रायपुर ।: छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (CSPTCL) में पदोन्नति की प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी का मामला उजागर होने के बाद प्रबंधन ने बड़ा कदम उठाया है। ‘चतुरपोस्ट.कॉम’ द्वारा प्रमुखता से उठाई गई खबर का व्यापक असर (Massive Impact) हुआ है, जिसके बाद विभाग ने एक विवादित प्रमोशन ऑर्डर को तत्काल प्रभाव से रोक (Keep in Abeyance) दिया है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही हमने ग्रेडेशन लिस्ट और वरिष्ठता सूची की अनदेखी कर किए गए प्रमोशन के खेल का पर्दाफाश किया था। इसके बाद बिजली कंपनी के गलियारों में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में आज नया आदेश जारी किया गया।

क्या है ताजा आदेश? (Latest Order Details)

कंपनी के मुख्य अभियंता (Chief Engineer – HR) द्वारा 20 अप्रैल 2026 को जारी आदेश संख्या 2088 के अनुसार, श्री ओमप्रकाश रात्रे, जो सहायक अभियंता (AE – Civil) के पद पर कार्यरत थे, उनकी कार्यपालन अभियंता (EE – Civil) के पद पर हुई पदोन्नति को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

इस आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि 17.04.2026 को जारी मूल पदोन्नति आदेश के सरल क्रमांक 7 में उल्लेखित नाम को ‘Abeyance’ यानी स्थगित रखा गया है।

चतुरपोस्ट की खबर के बाद क्या बदला? (Highlights):

  • तत्काल कार्रवाई: खबर प्रकाशित होने के 24 घंटे के भीतर प्रबंधन ने सुधारात्मक कदम (Corrective Action) उठाया।
  • आदेश पर रोक: इंजीनियर ओमप्रकाश रात्रे की पदोन्नति अगले आदेश तक ‘होल्ड’ पर डाल दी गई है।
  • पारदर्शिता की जीत: विभाग में वरिष्ठता सूची (Gradation List) के उल्लंघन का आरोप चतुरपोस्ट ने लगाया था।
CSPTCL

क्यों उठ रहे थे सवाल? (Background Information)

विद्युत कंपनी में प्रमोशन को लेकर लगातार असंतोष की स्थिति (Dissatisfaction) बनी हुई थी। कई वरिष्ठ इंजीनियरों का आरोप था कि योग्य और पुराने अधिकारियों को दरकिनार कर जूनियरों को फायदा पहुँचाया जा रहा है।

परिणामस्वरूप (Consequently), जब चतुरपोस्ट ने इन तथ्यों को प्रमाण के साथ सामने रखा, तो प्रबंधन को अपनी गलती सुधारने पर मजबूर होना पड़ा। यह न केवल हमारी खबर का असर है, बल्कि उन ईमानदार इंजीनियरों की भी जीत है जो न्याय की उम्मीद कर रहे थे।

हालाँकि (However), प्रबंधन की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस रोक की मुख्य वजह तकनीकी है या प्रशासनिक गड़बड़ी। लेकिन जिस तरह से खबर के तुरंत बाद यह निर्णय (Decision) आया है, उसने चतुरपोस्ट की निष्पक्ष पत्रकारिता पर मुहर लगा दी है।

चतुरपोस्ट की पुरानी खबर यहाँ पढ़ें: CSPTCL प्रमोशन में गड़बड़ी की पूरी दास्तान

S. J. Kumar

पत्रकारिता के क्षेत्र में 22 वर्षों से अधिक का गहन अनुभव । सुदीर्घ करियर में राष्ट्रीय समाचार पत्रों में महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं। जटिल मुद्दों के सरल विश्लेषण और खोजी रिपोर्टिंग के साथ राजनीति, प्रशासन और समसामयिक विषयों पर गहरी पकड़ है। पत्रकारिता में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्य स्तरीय पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में Chaturpost.com में सेवाएं दे रहे हैं।
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