
Vehicle Number Update: अगर आप भी अपनी गाड़ी के नंबर से अपनी पहचान (Identity) रखते हैं या आपको अपने पुराने वाहन के नंबर से खास लगाव है, तो यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला देगी। छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग (Transport Department) इसी हफ्ते से ‘रोटेशन ऑफ रजिस्ट्रेशन नंबर’ (Rotation of Registration Number) का नया नियम लागू करने जा रहा है।
क्या है नया नियम? (The New Rule)
अक्सर लोग अपनी पुरानी गाड़ी बेचने या कबाड़ में देने के बाद उसका खास नंबर खो देते थे। नतीजतन (Consequently), उन्हें नई गाड़ी के लिए फिर से लंबी बोली लगानी पड़ती थी। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। नए नियम के तहत आप अपना पुराना या वीआईपी (VIP) नंबर सुरक्षित (Safe) रख सकेंगे और उसे अपनी नई गाड़ी पर ट्रांसफर करवा सकेंगे।
कितना आएगा खर्च? (Fee Structure)
परिवहन विभाग के अफसरों के मुताबिक, इस सुविधा का लाभ लेने के लिए वाहन मालिक को एक निश्चित शुल्क देना होगा:
- सामान्य नंबर (Normal Number): इसे सुरक्षित रखने के लिए करीब 5 हजार रुपये की फीस देनी होगी।
- वीआईपी नंबर (VIP Number): यदि आपके पास 0001 या 0009 जैसे च्वाइस नंबर हैं, तो उनके लिए भी रोटेशन प्रक्रिया आसान कर दी गई है।
“वाहन मालिक अब अपना पुराना नंबर दोबारा अपनी गाड़ी में ले सकेगा। विभाग इसके लिए रोटेशन ऑफ रजिस्ट्रेशन नंबर का नया नियम लागू करने जा रहा है।” — डी. रविशंकर, अपर परिवहन आयुक्त, छत्तीसगढ़
कैसे मिलेगा पुराना नंबर? (Step-by-Step Process)
पुराने नंबर को फिर से इस्तेमाल करने के लिए आपको कुछ दस्तावेजों (Documents) की जरूरत होगी:
- दूसरे राज्य में गाड़ी बेची है: यदि गाड़ी महाराष्ट्र या अन्य राज्य में बेची है, तो वहां के नए रजिस्ट्रेशन का प्रमाण (Proof) देना होगा।
- छत्तीसगढ़ की गाड़ी है: यदि गाड़ी छत्तीसगढ़ की ही है, तो आरटीओ (RTO) से पंजीयन निरस्त (Cancellation) का सर्टिफिकेट लेना अनिवार्य होगा।
- आवेदन प्रक्रिया (Application): सर्टिफिकेट मिलने के बाद आप ‘पुराना नंबर नई गाड़ी पर चाहिए’ का आवेदन (Apply) कर सकेंगे।
किसे होगा सबसे ज्यादा फायदा? (Beneficiaries)
यह फैसला उन रसूखदारों और शौकीनों के लिए बड़ी राहत है जो लकी नंबर (Lucky Number) के लिए लाखों की बोली लगाते थे। उदाहरण के तौर पर (For example), कई बार बोली के कारण पुराने मालिकों को अपना ही नंबर दोबारा नहीं मिल पाता था, लेकिन अब प्राथमिकता (Priority) के आधार पर वे अपनी पहचान बरकरार रख पाएंगे।







