
Smart Meter New Rules: न्यूज डेस्क। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) ने 1 अप्रैल 2026 को एक ऐतिहासिक अधिसूचना जारी की है। इस संशोधन (Amendment) के जरिए न केवल स्मार्ट मीटर (Smart Meter) के साथ प्रीपेड की अनिवार्यता को लेकर स्थिति साफ की गई है, बल्कि Open Access लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए मीटरिंग के कड़े नियम भी बदल दिए गए हैं।
उपभोक्ता परिषद की सक्रियता के बाद, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि संचार नेटवर्क (Communication Network) वाले क्षेत्रों में स्मार्ट मीटर तो लगाए जाएंगे, लेकिन Prepaid सिस्टम की अनिवार्यता को लेकर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई है।
अधिसूचना के 3 सबसे महत्वपूर्ण तकनीकी बदलाव (Technical Updates)
भारत के राजपत्र में प्रकाशित इस नए नियम के अनुसार, मीटरिंग सिस्टम में ये सुधार किए गए हैं:
- प्रीपेड की अनिवार्यता का अंत: अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि स्मार्ट मीटर अब मानक (Standard) के अनुरूप लगाए जाएंगे, लेकिन जहां नेटवर्क कवरेज नहीं है, वहां राज्य विद्युत नियामक आयोग की अनुमति से ही ‘पूर्व भुगतान’ (Prepaid) मीटर लगाए जा सकेंगे।
- ओपन एक्सेस (Open Access) के लिए नई सारणी: 650 वोल्ट से अधिक वोल्टेज स्तर पर बिजली लेने वाले उपभोक्ताओं के लिए अब ‘मुख्य मीटर’, ‘चेक मीटर’ और ‘स्टैंडबाई मीटर’ की अनिवार्य स्थिति तय कर दी गई है।
- अंतर-राज्यीय पारेषण (Inter-state Transmission): जो उपभोक्ता सीधे इंटर-स्टेट ट्रांसमिशन सिस्टम से जुड़े हैं, उनके परिसर में अब मीटरिंग की व्यवस्था अधिक पारदर्शी (Transparent) होगी।
मीटर स्थापना के लिए संशोधित सारणी (Table-1)
अधिसूचना के खंड 7, उप-विनियम (1) में किए गए तकनीकी बदलावों (Technical Updates) का विवरण:
| क्र. सं. | उपभोक्ता का प्रकार / चरण (Phase) | मुख्य मीटर (Main) | चेक मीटर (Check) | स्टैंडबाई मीटर (Standby) |
|---|---|---|---|---|
| 4. | अंतर-राज्यीय पारेषण प्रणाली या वितरण प्रणाली से सीधे जुड़े 650 वोल्ट से अधिक के ओपन एक्सेस (Open Access) उपभोक्ता। | उपभोक्ता के परिसर में | उपभोक्ता के परिसर में | उपभोक्ता परिसर में अलग ट्रांसफार्मर पर या लाइसेंसधारी के सबस्टेशन पर (परस्पर सहमति से)। |
| 5. | 650 वोल्ट से अधिक वोल्टेज स्तर वाले उपभोक्ता जिन्हें ओपन एक्सेस की अनुमति नहीं है। | उपभोक्ता के परिसर में | उपभोक्ता के परिसर में | —– |
स्रोत: भारत का राजपत्र (अधिसूचना तिथि: 1 अप्रैल 2026)
औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला?
तालिका (Table) में किए गए संशोधन के अनुसार, अब 650 वोल्ट से अधिक के वोल्टेज स्तर वाले उपभोक्ताओं के परिसर में ही मुख्य और चेक मीटर लगाए जाएंगे। इससे बिजली की खपत की गणना में होने वाली गलतियों (Errors) की गुंजाइश खत्म हो जाएगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संशोधन डेटा-आधारित पारदर्शिता लाने के लिए किया गया है, जिससे बिजली चोरी और बिलिंग विवादों (Billing Disputes) में कमी आएगी।
स्रोत: केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की तरफ से जारी अधिसूचना








